पुजारी हत्याकांड का खुलासा : शिष्या का मामा निकला कातिल, भांजी ने पुलिस को किया गुमराह
- DSS Admin
- Jun 30, 2026
बांदा, 30 जून (हि.स.)। उत्तर प्रदेश के जनपद बांदा में शहर कोतवाली क्षेत्र के ग्राम तिंदवारा स्थित शनिदेव मंदिर में पुजारी सच्चिदानंद की हत्या के मामले का पुलिस ने मंगलवार को खुलासा कर दिया है। इस सनसनीखेज हत्याकांड में पुजारी की शिष्या का मामा ही हत्यारा निकला। पुलिस ने आरोपी मामा रामविशाल और उसकी भांजी रोशनी को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया है।
रोशनी पर अपने मामा को बचाने के लिए पुलिस को गुमराह करने का आरोप है।
गौरतलब है कि 20 जून की रात मंदिर की छत पर सो रहे पुजारी सच्चिदानंद पर अज्ञात व्यक्ति ने डंडे से हमला कर गंभीर रूप से घायल कर दिया था। उपचार के दौरान उनकी मौत हो गई थी। घटना के बाद पूरे क्षेत्र में सनसनी फैल गई थी। सूचना मिलते ही पुलिस अधीक्षक पलाश बंसल ने घटनास्थल का निरीक्षण किया था और मामले के खुलासे के लिए सहायक पुलिस अधीक्षक मेविस टॉक के पर्यवेक्षण में कई टीमें गठित की थीं।
पुलिस और फॉरेंसिक टीम ने घटनास्थल का गहन निरीक्षण कर साक्ष्य जुटाए तथा संदिग्धों से पूछताछ की। जांच के दौरान सामने आया कि पुजारी के साथ रह रही रोशनी निवासी चंदौली, थाना अजयगढ़, जिला पन्ना (मध्य प्रदेश) घटना की प्रत्यक्षदर्शी थी। इसके बावजूद उसने अपने मामा रामविशाल निवासी जमुनी पुरवा, कोतवाली नगर को बचाने के लिए पुलिस को भ्रामक जानकारी दी और मनगढ़ंत कहानी सुनाकर जांच को गुमराह करने का प्रयास किया।
पुलिस के अनुसार रोशनी पिछले कुछ महीनों से पुजारी सच्चिदानंद के साथ रह रही थी। 20 जून की रात किसी विवाद के चलते उसके मामा रामविशाल ने मंदिर की छत पर पहुंचकर पुजारी के सिर पर डंडे से कई वार कर दिए, जिससे वह गंभीर रूप से घायल हो गए। बाद में इलाज के दौरान उनकी मौत हो गई।
जांच में यह भी सामने आया कि रोशनी ने पूरी घटना अपनी आंखों से देखी थी और हमलावर को पहचानती थी, लेकिन उसने अपने मामा को बचाने के उद्देश्य से सच्चाई छिपाई। पुलिस ने उसे भी साक्ष्य छिपाने और जांच को प्रभावित करने के आरोप में गिरफ्तार किया है।
ग्रामीणों के बीच यह चर्चा भी है कि आरोपी मामा ने अपनी भांजी को पुजारी के साथ सोते हुए देख लिया था, जिससे वह आक्रोशित हो गया और गुस्से में आकर पुजारी पर डंडे से ताबड़तोड़ हमला कर दिया। हालांकि पुलिस ने हत्या का कारण आपसी विवाद बताया है।
घटना में प्रयुक्त डंडा पुलिस पहले ही बरामद कर चुकी थी। पर्याप्त साक्ष्य मिलने के बाद दोनों आरोपियों को गिरफ्तार कर न्यायालय में पेश किया गया, जहां से उन्हें जेल भेज दिया गया। मामले की जानकारी अपर पुलिस अधीक्षक शिवराज ने दी।
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