पाक गैंगस्टर ने सोशल मीडिया के माध्यम से युवाओं के दिमाग में कट्टरपंथ भरा

मुंबई, 10 जुलाई 
 पाकिस्तान में रहने वाले गैंगस्टर शहजाद भट्टी के साथ कथित संबंधों को लेकर 112 लोगों से पूछताछ कर रहे महाराष्ट्र पुलिस के आतंकवाद रोधी दस्ते (एटीएस) ने शुक्रवार को कहा कि उसने (गैंगस्टर) और उसके साथियों ने युवाओं को कट्टरपंथ के रास्ते पर ले जाने तथा उनकी भर्ती करने के लिए सोशल मीडिया मंचों का इस्तेमाल किया।
अधिकारियों ने बताया कि एटीएस की 14 इकाइयों की टीम ने दिन में एक साथ कई शहरों में अभियान चलाया और पूछताछ के लिए 112 संदिग्धों को हिरासत में लिया। 
 उन्होंने कहा कि प्रारंभिक जांच के मुताबिक भट्टी ने अपने कथित साथियों- आबिद जाट उर्फ ​​आबिद चाल, अजमल गुर्जर, मोहम्मद मेमन, राणा हुसैन, अशरफ बशीर आलम और अन्य लोगों के साथ मिलकर- फेसबुक, इंस्टाग्राम, टेलीग्राम और व्हाट्सएप जैसे सोशल मीडिया मंचों के ज़रिए युवाओं के बीच एक नेटवर्क बनाने की कोशिश की।
 एक अधिकारी ने बताया कि आरोपियों ने युवाओं, खासकर बेरोजगारों को प्रभावित करने के लिए भडक़ाऊ धार्मिक सामग्री इन मंचों पर डाली और उन्हें आर्थिक मदद का लालच देकर जानकारी जुटाने, मादक पदार्थों और हथियारों की तस्करी जैसी गतिविधियों में शामिल करने की कोशिश की।
 उन्होंने कहा कि भट्टी पर सोशल मीडिया मंचों के जरिए युवाओं को कट्टरपंथी बनाने और उन्हें देश-विरोधी गतिविधियों के लिए उकसाने का शक है।  अधिकारी ने बताया कि एटीएस पहचान किए गए लोगों से पूछताछ कर रही है ताकि पाकिस्तानी गैंगस्टर के साथ उनके कथित संबंधों की सच्चाई  
का पता लगाया जा सके तथा जांच के सिलसिले में और सबूत जुटाए जा सकें।
एटीएस ने एक बयान में युवाओं और माता-पिता से सतर्क रहने तथा अनजान लोगों, खासकर सोशल मीडिया मंचों पर उनके संपर्क में आने से बचने की अपील की।
बयान में कहा गया है कि माता-पिता को अपने बच्चों की ऑनलाइन गतिविधियों और सोशल मीडिया के इस्तेमाल पर बारीकी से नजर रखनी चाहिए जबकि युवाओं को पैसे के लालच में नहीं आना चाहिए और न ही अफवाहों पर ध्यान देना चाहिए।

   

सम्बंधित खबर