बुंदेलखंड में जलवायु परिवर्तन, जल संकट और कृषि पर अध्ययन करेगा “परमार्थ शोध एवं प्रशिक्षण संस्थान”

संस्थान में खेती पर जलवायु परिवर्तन के बढ़ते प्रभाव और मौसम में हो रहे निरंतर बदलावों का किया जाएगा अध्ययन, हुआ भूमि पूजन

झांसी, 28 अक्टूबर (हि.स.)। खेती पर जलवायु परिवर्तन के बढ़ते प्रभाव और मौसम में हो रहे निरंतर बदलावों को देखते हुए परमार्थ समाज सेवी संस्थान ने बुंदेलखंड में एक बड़ा कदम उठाया है। क्षेत्र में जलवायु परिवर्तन, जल संकट और कृषि पर उसके प्रभावों के गहन अध्ययन के उद्देश्य से संस्थान ने “परमार्थ शोध एवं प्रशिक्षण संस्थान” की स्थापना की जा रही है।

इस संस्थान का भूमि पूजन और शिलान्यास देश के प्रख्यात पर्यावरण विज्ञानी एवं डॉ. भीमराव अंबेडकर केंद्रीय विश्वविद्यालय, लखनऊ के प्रोफेसर डॉ. राणा प्रताप (अध्यक्ष, परमार्थ) के द्वारा सम्पन्न हुआ। शिलान्यास अवसर पर प्रो. राणा प्रताप ने कहा कि “वर्तमान समय में विज्ञान की भूमिका पहले से कहीं अधिक महत्वपूर्ण हो गई है। जब जलवायु चुनौतियाँ लगातार बढ़ रही हों, तो विज्ञान और समाज को संगठित होकर समाधान की दिशा में कार्य करना होगा।”

उन्होंने कहा कि “देश में एक तरह की जलवायु आपात स्थिति है। लोगों को मौसम के बदलते मिज़ाज और उसके प्रभावों के प्रति जागरूक करना समय की मांग है। इस वर्ष अत्यधिक वर्षा के बावजूद तापमान में वृद्धि होना और रुक–रुक कर वर्षा जारी रहना किसानों के लिए गंभीर स्थिति उत्पन्न कर रहा है।” इस मौके पर परमार्थ के निदेशक अनिल सिंह ने कहा कि “संसाधनों की सीमाओं के बावजूद यह प्रयास बुंदेलखंड के भविष्य के लिए एक महत्वपूर्ण शुरुआत है। इस केंद्र को सफल बनाने के लिए समाज के हर जागरूक नागरिक का सहयोग अपेक्षित है।”

परमार्थ के प्रमुख डॉ. संजय सिंह ने कहा कि “यह संस्थान न केवल शोध करेगा, बल्कि समुदाय को प्रशिक्षित भी करेगा, ताकि लोग मौसम में आए बदलावों के प्रति जागरूक हो सकें और अनुकूलन की दिशा में कदम बढ़ा सकें।”

उन्होंने बताया कि परमार्थ ने जल संरक्षण और सामुदायिक जागरूकता के क्षेत्र में जो कार्य किए हैं, उन्हें अब वैज्ञानिक दृष्टिकोण से और मजबूत किया जाएगा।

पर्यावरणविद् और सामाजिक कार्यकर्ता रामकृष्ण शुक्ल ने कहा कि “शोध तब तक सार्थक नहीं जब तक उसके परिणाम आम जनता तक न पहुँचें। इस दिशा में यह संस्थान एक सेतु का कार्य करेगा।”

इस अवसर पर जल सहेलियों की विशेष उपस्थिति रही।

कार्यक्रम में परमार्थ के कोषाध्यक्ष भूपेंद्र गुप्ता, उपाध्यक्ष डॉ. एस.पी. सिंह, जितेंद्र यादव, हिमांशु नायक, तथा गवर्निंग बोर्ड सदस्य संतोष कुमार और सुरेंद्र कुमार सहित अनेक प्रगतिशील किसान एवं सामाजिक कार्यकर्ता उपस्थित रहे।

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हिन्दुस्थान समाचार / महेश पटैरिया

   

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