फांसीदेवा पंचायत समिति में राजनीतिक हलचल, नौ सदस्यों ने अध्यक्ष के खिलाफ अविश्वास प्रस्ताव सौंपा

सिलीगुड़ी, 03 जून (हि. स.)। फांसीदेवा पंचायत समिति में बुधवार को उस समय राजनीतिक हलचल तेज हो गई, जब नौ सदस्यों ने मिलकर अध्यक्ष के खिलाफ अविश्वास प्रस्ताव (नो कॉन्फिडेंस मोशन) जमा कर दिया। यह प्रस्ताव सिलीगुड़ी के एसडीओ कार्यालय में सौंपा गया, जिसके बाद स्थानीय राजनीति में नई चर्चाओं का दौर शुरू हो गया है। 21 सदस्य फांसीदेवा पंचायत समिति में वर्तमान में 18 सदस्य तृणमूल कांग्रेस, दो भाजपा और एक निर्दलीय (जो बाद में तृणमूल में शामिल हुए) है। ऐसे में नौ सदस्यों द्वारा एक साथ अविश्वास प्रस्ताव लाना मौजूदा समीकरण को बदलने का संकेत दे रहा है।

पंचायत समिति के खाद्य कर्माध्यक्ष प्रणबेश मंडल ने इस कदम का समर्थन करते हुए कहा कि कुछ सदस्यों के व्यवहार के कारण विकास कार्यों में बाधा आ रही थी। इसी वजह से उन्होंने अन्य सदस्यों के साथ मिलकर अध्यक्ष के खिलाफ यह प्रस्ताव लाने का निर्णय लिया। हालांकि, उन्होंने यह स्पष्ट नहीं किया कि वे किसी अन्य राजनीतिक दल में शामिल होंगे या नहीं।

वहीं, पंचायत समिति की अध्यक्ष रीना एक्का ने कहा कि उन्हें इस अविश्वास प्रस्ताव की कोई जानकारी नहीं है। उन्होंने यह भी दावा किया कि उन्होंने हमेशा सभी सदस्यों के साथ मिलकर विकास कार्यों को आगे बढ़ाया है। साथ ही, तृणमूल के संगठनात्मक नेतृत्व को भी इस मुद्दे की जानकारी नहीं होने की बात कही गई है।

सिलीगुड़ी के महकमा शासक विकास रूहेेला ने अविश्वास प्रस्ताव मिलने की पुष्टि की है। अब इस पर आगे की प्रशासनिक और कानूनी प्रक्रिया क्या होगी, इस पर सबकी नजरें टिकी है।

   

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