राजस्थान को पहला गौ-आधारित जैविक राज्य बनाने का प्रस्ताव

जयपुर, 01 जुलाई (हि.स.)। अखिल भारतीय गौशाला सहयोग परिषद एवं हैनिमैन चैरिटेबल मिशन सोसायटी के प्रतिनिधिमंडल ने बुधवार को राजभवन में राज्यपाल हरिभाऊ बागडे को राजस्थान को देश का पहला गौ-आधारित जैविक राज्य बनाने संबंधी नीति-प्रस्ताव सौंपा। राज्यपाल ने विषय पर चर्चा करते हुए प्रस्ताव को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी तक पहुंचाने का आश्वासन दिया।

परिषद के अंतरराष्ट्रीय संयोजक डॉ. अतुल गुप्ता के नेतृत्व में पहुंचे प्रतिनिधिमंडल में सहसंयोजक मोनिका गुप्ता भी शामिल थीं। ज्ञापन में रासायनिक खेती के दुष्प्रभाव, घटती मिट्टी की उर्वरता, जल प्रदूषण, किसानों की बढ़ती लागत, जलवायु परिवर्तन और निराश्रित गौवंश की समस्या का समाधान गौ-आधारित प्राकृतिक एवं जैविक खेती को बताया गया।

प्रस्ताव में प्रत्येक जिले में गौ-आधारित जैविक कृषि उत्कृष्टता केंद्र स्थापित करने, ग्राम पंचायतों को 'गौ ग्राम' के रूप में विकसित करने, गौशालाओं को गोबर, गौमूत्र, बायोगैस एवं जैविक उत्पादों के माध्यम से आत्मनिर्भर बनाने तथा प्राकृतिक खेती अपनाने वाले किसानों को आर्थिक सहायता, प्रशिक्षण और विपणन सुविधा उपलब्ध कराने की मांग की गई। साथ ही विद्यालयों और विश्वविद्यालयों में गौ-विज्ञान एवं प्राकृतिक कृषि के अध्ययन तथा गौ-आधारित उत्पादों के लिए राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय बाजार विकसित करने का सुझाव भी दिया गया।

डॉ. अतुल गुप्ता ने कहा कि गौ-आधारित प्राकृतिक खेती भारत को टिकाऊ कृषि और जैविक उत्पादन के क्षेत्र में वैश्विक नेतृत्व दिला सकती है। वहीं मोनिका गुप्ता ने इसे स्वस्थ समाज, आत्मनिर्भर गांव और समृद्ध भारत की आधारशिला बताया। प्रतिनिधिमंडल ने विश्वास जताया कि इस पहल से किसानों की आय, गौसंवर्धन, पर्यावरण संरक्षण और ग्रामीण अर्थव्यवस्था को नई मजबूती मिलेगी।

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