रेलवे सुरक्षा बल की संवेदनशील पहल से यात्रियों को मिली राहत

कोटा, 03 जून (हि.स.)। पश्चिम मध्य रेलवे के कोटा मंडल की रेलवे सुरक्षा बल (आरपीएफ) ने अप्रैल 2026 के दौरान यात्रियों की सुरक्षा, सहायता और सामाजिक उत्तरदायित्व के क्षेत्र में उल्लेखनीय कार्य करते हुए मानवीय संवेदनशीलता का परिचय दिया। विभिन्न जनहितकारी अभियानों के माध्यम से आरपीएफ ने यात्रियों का खोया हुआ सामान वापस दिलाने के साथ-साथ परिजनों से बिछड़े बच्चों और संकटग्रस्त व्यक्तियों को भी सुरक्षित उनके परिवारों तक पहुंचाया।

वरिष्ठ मंडल वाणिज्य प्रबंधक सौरभ जैन ने बताया कि अप्रैल माह में संचालित ‘ऑपरेशन अमानत’ के तहत 25 मामलों में ट्रेनों और रेलवे स्टेशनों पर यात्रियों द्वारा छूटा हुआ कुल 4 लाख 28 हजार 835 रुपये मूल्य का सामान बरामद किया गया। आवश्यक सत्यापन प्रक्रिया पूरी करने के बाद यह सामान उसके वास्तविक स्वामियों को लौटाया गया, जिससे यात्रियों को राहत मिली और रेलवे के प्रति उनका विश्वास और मजबूत हुआ। उन्होंने बताया कि ‘ऑपरेशन नन्हे फरिश्ते’ के अंतर्गत मंडल के विभिन्न रेलवे स्टेशनों पर बिना अभिभावक के मिले नौ बच्चों को आवश्यक कानूनी और प्रशासनिक प्रक्रिया पूरी करने के बाद उनके परिजनों अथवा संबंधित संस्थाओं को सुरक्षित सुपुर्द किया गया।

इसके अलावा ‘ऑपरेशन डिग्निटी’ के तहत संकटग्रस्त अवस्था में मिले तीन व्यक्तियों को सुरक्षित बचाकर उनके परिजनों और अभिभावकों को सौंपा गया। रेलवे अधिकारियों के अनुसार यात्रियों की सुरक्षा और सहायता के लिए आरपीएफ द्वारा निरंतर ऐसे अभियान संचालित किए जा रहे हैं, जिनका उद्देश्य जरूरतमंद लोगों को समय पर मदद उपलब्ध कराना और रेलवे परिसरों को अधिक सुरक्षित बनाना है।

   

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