बिहार भवन का विरोध करने वाले राज ठाकरे की भूमिका असंवैधानिक- रामदास आठवले

मुंबई, 20 जनवरी (हि.स.)। केंद्रीय सामाजिक न्याय राज्यमंत्री रामदास आठवले ने मुंबई में बिहार भवन बनाने का विरोध करने वाली राज ठाकरे की पार्टी मनसे की कड़ी आलोचना की है। उन्होंने कहा है कि मुंबई महाराष्ट्र की राजधानी होने के साथ-साथ भारत की आर्थिक राजधानी भी है। मुंबई में बिहार भवन और झारखंड भवन के निर्माण का विरोध करने में राज ठाकरे की भूमिका असंवैधानिक है। हम राज की संविधान-विरोधी भूमिका की कड़ी निंदा करते हैं।

आठवले ने कहा कि राज ठाकरे को ऐसी भूमिका नहीं अपनानी चाहिए, जिससे महाराष्ट्र की बदनामी हो। संविधान ने सभी भारतीयों को देश में कहीं भी रहने और बिजनेस करने का अधिकार दिया है। इसलिए, मुंबई में बिहार भवन और झारखंड भवन के निर्माण का विरोध करना असंवैधानिक है। उन्होंने चेतावनी दी कि उनकी पार्टी आरपीआई बिहार भवन या झारखंड भवन के निर्माण का विरोध करने वाले किसी भी व्यक्ति का विरोध करेगी। डॉ. बाबासाहेब आंबेडकर ने भारत में सभी को भोजन, कपड़ा और मकान का अधिकार दिया है। समानता दी है, सभी को समान अधिकार दिए हैं। इस देश का कोई भी नागरिक देश के किसी भी राज्य में रह सकता है और अपना गुज़ारा कर सकता है। लेकिन राज ठाकरे भेदभाव और गैर-बराबरी का रोल निभाते हैं। महाराष्ट्र में रोजी-रोटी के लिए आने वाले मजदूरों का विरोध करना गलत है। मराठी बोलने या मारपीट जैसा हिंसक भूमिका अपनाना गलत है।

आठवले ने कहा कि महाराष्ट्र में मराठी लोगों ने मुंबई में रहने वाले माइग्रेंट्स का साथ दिया है और उनके साथ प्यार से पेश आए हैं। मुंबई देश की आर्थिक राजधानी है जो सबको नौकरी देती है। मुंबई ने पूरे देश में महाराष्ट्र के लोगों को प्यार और अपनापन दिया है। भाईचारा दिया है। लेकिन राज ठाकरे इसे तोड़ने का रोल निभाते हैं, जो गलत है। जो लोग इस देश के संविधान को नहीं मानते, उन्हें इस देश में रहने का कोई हक नहीं है।

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हिन्दुस्थान समाचार / वी कुमार

   

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