हिमाचल को कौशल और तकनीकी शिक्षा का हब बनाया जा रहा : राजेश धर्माणी

शिमला, 18 मई (हि.स.)। तकनीकी शिक्षा मंत्री राजेश धर्माणी ने कहा कि राज्य सरकार हिमाचल प्रदेश को तकनीकी शिक्षा और कौशल विकास के क्षेत्र में अग्रणी राज्य बनाने के लिए बहुआयामी प्रयास कर रही है। सोमवार को तकनीकी शिक्षा विभाग की समीक्षा बैठक की अध्यक्षता करते हुए उन्होंने कहा कि तकनीकी शिक्षा और वोकेशनल ट्रेनिंग का मुख्य उद्देश्य युवाओं को रोजगार पाने वाला नहीं, बल्कि रोजगार देने वाला बनाना है।

उन्होंने कहा कि प्रदेश में सूक्ष्म, लघु उद्योगों और स्टार्टअप इकोसिस्टम को मजबूत किया जा रहा है। विभिन्न तकनीकी संस्थानों के प्रशिक्षुओं को उद्यमशीलता की दिशा में प्रेरित करने के लिए उद्योग विभाग के 120 विशेषज्ञ मार्गदर्शन देंगे। इसके साथ ही प्रशिक्षुओं की सॉफ्ट स्किल्स को एआई और सूचना प्रौद्योगिकी के माध्यम से विकसित किया जा रहा है ताकि युवा भविष्य की चुनौतियों और अवसरों के लिए तैयार हो सकें।

राजेश धर्माणी ने कहा कि प्रदेश सरकार ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूत करने के लक्ष्य के साथ कार्य कर रही है। बागवानी, प्राकृतिक खेती और डेयरी तकनीक जैसे क्षेत्रों में बढ़ती मांग को देखते हुए तकनीकी संस्थानों में इन विषयों को शामिल किया जा रहा है। विद्यार्थियों के व्यावहारिक ज्ञान को बढ़ाने के लिए कृषि विज्ञान केंद्रों और कृषि महाविद्यालयों के साथ समन्वय स्थापित किया जाएगा।

उन्होंने कहा कि औद्योगिक प्रशिक्षण संस्थान (आईटीआई) प्रदेश में कुशल कार्यबल तैयार करने में अहम भूमिका निभा रहे हैं। नगर निगम मंडी और आईटीआई मंडी के बीच हुए समझौता ज्ञापन के तहत 496 स्ट्रीट लाइटें उपलब्ध करवाई गईं, जिससे शहर की स्ट्रीट लाइट समस्या के समाधान में मदद मिली। इस पहल से प्रशिक्षुओं के व्यवहारिक ज्ञान में भी वृद्धि हुई है।

तकनीकी शिक्षा मंत्री ने कहा कि प्रदेश में स्किल अकादमी और डिजिटल यूनिवर्सिटी स्थापित की जाएगी तथा तकनीकी संस्थानों की ग्रेडिंग भी की जा रही है। उन्होंने हिमाचल प्रदेश तकनीकी शिक्षा बोर्ड को भर्ती परीक्षाओं के लिए ऑनलाइन परीक्षा प्रणाली विकसित करने के निर्देश भी दिए।

---------------

   

सम्बंधित खबर