रामकथा महोत्सव के चौथे दिन सनातन धर्म के पालन का दिया संदेश 

अररिया, 30 दिसम्बर(हि.स.)।

फारबिसगंज छुआपट्टी में तपेश्वर गुप्ता के गोला में चल रहे श्री रामकथा महोत्सव के चौथे दिन सोमवार को बालसंत श्री हरिदासजी महाराज ने सनातन धर्म के पालन करने का संदेश दिया।

सोने संदेश में बालसंत श्री हरिदासजी महाराज ने संदेश दिया कि 1 जनवरी हम सनातनियों का नवबर्ष नहीं है,यह पश्चिमी सभ्यता है। जिसमें सिर्फ कैलेंडर बदलता है और नया कुछ नहीं होता। जबकि सनातन का नवबर्ष चैत्र प्रतिपदा को मनाया जाता है और उस समय बसंत ऋतु के आगमन से पेड़ों पर नये पत्ते, फूल,आम के पेड़ों पर मंजर के साथ साथ कई नयी फसल होती है।

समस्त भारत के सनातनियों में नये उर्जा का संचार होता है।इसलिए सभी संकल्प करें कि आप सनातन नवबर्ष ही मनायेंगे।

महाराज ने जानकारी दी कि तुलसीदास जी ने रामचरित मानस की रचना सम्वत 1931 इस्वीं चैत्र महिना नवमी तिथि दिन मंगलवार को किया।

कथा स्थल पर गीता प्रेस गोरखपुर की आध्यात्मिक पुस्तकों को अब 25 फीसदी छुट के साथ श्रद्धालुओं को उपलब्ध कराई जा रही है, इसका भरपूर लाभ जनता उठा रही है।

व्यवस्था में हेमू बोथरा, पूनम पाण्डिया, काव्या, रक्षा,आकाश, पप्पू फिटकरी वाला,मदन मोहन कनौजिया,विभाष गुप्ता गोपाल अग्रवाल,विजय लखोटिया आदि सक्रिय रहे।

हिन्दुस्थान समाचार / राहुल कुमार ठाकुर

   

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