अमरनाथ यात्रा और मानसून के बीच एसडीआरएफ का सुरक्षा अभियान तेज, नदियों से दूर रहने की अपील
- Neha Gupta
- Jul 07, 2026

जम्मू, 07 जुलाई । श्री अमरनाथ यात्रा-2026 और जारी मानसून सीजन के मद्देनज़र राज्य आपदा प्रतिक्रिया बल की दूसरी बटालियन जम्मू ने यात्रियों और आम नागरिकों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए व्यापक जन-जागरूकता अभियान शुरू किया है।
कमांडेंट दूसरी बटालियन एसडीआरएफ मोहम्मद असलम के मार्गदर्शन में चलाए जा रहे इस अभियान के तहत विभिन्न संवेदनशील स्थानों पर लोगों को मानसून के दौरान बरती जाने वाली सावधानियों की जानकारी दी जा रही है।
जम्मू के तवी रिवर फ्रंट स्थित यात्री पंजीकरण केंद्र पर एसडीआरएफ के अधिकारियों ने डिप्टी एसपी ललित कुमार की निगरानी में मेगाफोन के माध्यम से श्रद्धालुओं को नदी के बढ़ते जलस्तर और अचानक आने वाली बाढ़ जैसी परिस्थितियों के प्रति सतर्क किया। अधिकारियों ने यात्रियों को स्पष्ट रूप से आगाह किया कि भारी बारिश के कारण तवी नदी का जलस्तर अचानक बढ़ सकता है जिससे तेज बहाव और जानलेवा हालात पैदा हो सकते हैं। श्रद्धालुओं से नदी के किनारे जाने या उसमें प्रवेश करने से बचने तथा प्रशासन और सुरक्षा एजेंसियों के निर्देशों का पालन करने की अपील की गई।
इसी तरह अखनूर के सीडी टाउन क्षेत्र में चिनाब नदी के विभिन्न घाटों पर भी एसडीआरएफ की टीमों ने स्थानीय लोगों, श्रद्धालुओं और आगंतुकों को जागरूक किया। लोगों को बताया गया कि डोडा और किश्तवाड़ सहित ऊपरी इलाकों में लगातार हो रही बारिश के कारण चिनाब नदी का जलस्तर तेजी से बढ़ा है। ऐसे में नदी के किनारे जाना या उसमें उतरना बेहद खतरनाक हो सकता है। एसडीआरएफ ने चेतावनी दी कि तेज बहाव, फिसलन भरे तट और पानी के भीतर छिपे खतरे किसी भी समय गंभीर दुर्घटना का कारण बन सकते हैं।
एसडीआरएफ ने मानसून सुरक्षा सलाह जारी करते हुए लोगों से नदियों, नालों, झरनों और अन्य जल स्रोतों से दूर रहने, उफनते पुलों या जलमग्न सड़कों को पार करने का प्रयास न करने तथा नदी किनारों पर स्नान, कपड़े धोने या सेल्फी लेने जैसी गतिविधियों से बचने की अपील की है। बच्चों पर विशेष निगरानी रखने, मौसम विभाग और जिला प्रशासन द्वारा जारी चेतावनियों का पालन करने तथा अफवाहों पर ध्यान न देकर केवल आधिकारिक सूचनाओं पर भरोसा करने की भी सलाह दी गई है।
एसडीआरएफ ने लोगों से किसी भी आपात स्थिति, जलस्तर बढ़ने, भूस्खलन या अन्य संकट की सूचना तुरंत एसडीआरएफ, पुलिस या जिला प्रशासन को देने का आग्रह किया है। साथ ही यदि प्रशासन किसी क्षेत्र को खाली करने का निर्देश दे तो उसका तुरंत पालन करने की अपील की गई है। अमरनाथ यात्रा पर आए श्रद्धालुओं से निर्धारित मार्गों पर ही यात्रा करने और जल स्रोतों के आसपास अनावश्यक आवाजाही से बचने को कहा गया है।
एसडीआरएफ की दूसरी बटालियन ने कहा कि उसके जवान संवेदनशील स्थानों पर चौबीसों घंटे तैनात हैं और लगातार निगरानी, त्वरित राहत एवं बचाव, जन-जागरूकता और आपदा प्रबंधन की तैयारियों के माध्यम से यात्रियों और आम जनता की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध हैं। विभाग ने सभी नागरिकों से सावधानी बरतने और सामूहिक सुरक्षा के हित में प्रशासन का सहयोग करने की अपील की है।

