ज्वेलरी कारोबारी से लूट की कोशिश नाकाम, अंतरराज्यीय गैंग के चार बदमाश गिरफ्तार
- DSS Admin
- Jun 17, 2026
नई दिल्ली, 17 जून (हि.स.)। दक्षिण-पश्चिम जिला पुलिस ने कपासहेड़ा इलाके में ज्वेलरी कारोबारी से हथियारों के बल पर लूट की कोशिश करने वाले अंतरराज्यीय गिरोह का पर्दाफाश करते हुए चार शातिर बदमाशों को गिरफ्तार किया है। आरोपित कुख्यात शुभम पंडित गैंग से जुड़े बताए जा रहे हैं। पुलिस ने इनके कब्जे से 11 लाख रुपये नकद, तीन देशी पिस्तौल और दो जिंदा कारतूस बरामद किए हैं।
गिरफ्तार आरोपितों की पहचान उत्तर प्रदेश के हापुड़ निवासी सुनील (40), हरियाणा के करनाल निवासी जोगिंदर उर्फ मुकेश (37), उत्तर प्रदेश के बहादुरगढ़ निवासी गुलजार (39) और हरियाणा के कुरुक्षेत्र निवासी अभिषेक उर्फ चिट्टा (22) के रूप में हुई है। इनमें सुनील पर एक लाख रुपये का इनाम घोषित था।
दक्षिण पश्चिम जिले के पुलिस उपायुक्त अमित गोयल ने बुधवार को बताया कि 19 अप्रैल 2026 की रात करीब साढ़े नौ बजे सामलखा निवासी एक चांदी के आभूषण कारोबारी दुकान बंद कर स्कूटी से घर लौट रहे थे। उनके पास करीब साढ़े तीन किलोग्राम चांदी के आभूषण थे, जिनकी कीमत सात से आठ लाख रुपये आंकी गई है।
जैसे ही कारोबारी शिव मंदिर चौक, कपासहेड़ा के पास पहुंचे, दो बदमाश अचानक उनकी स्कूटी के सामने आ गए, जिससे वह गिर पड़े। एक आरोपित ने कारोबारी की छाती पर देशी पिस्तौल तानकर आभूषणों से भरा बैग छीनने की कोशिश की, जबकि दूसरे ने पिस्तौल की बट से उन पर हमला कर दिया। संघर्ष के दौरान एक बदमाश की पिस्तौल सड़क पर गिर गई। शोर सुनकर आसपास के लोग मौके पर पहुंच गए और ईंट-पत्थर फेंककर आरोपितों को पकड़ने का प्रयास किया। इस दौरान बदमाश अपने तीसरे साथी की मोटरसाइकिल पर सवार होकर फरार हो गए। भागते समय एक आरोपित ने भीड़ में दहशत फैलाने के लिए फायरिंग भी की।
घटना के बाद पीड़ित की शिकायत पर कपासहेड़ा थाने में 20 अप्रैल को भारतीय न्याय संहिता की धाराओं 309(5), 312(3), 3(5) तथा आर्म्स एक्ट की धाराओं 25 और 27 के तहत मामला दर्ज किया गया। घटनास्थल से पुलिस ने एक लोडेड देशी पिस्तौल और एक खाली कारतूस बरामद किया था।
100 से अधिक सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगाली
मामले की गंभीरता को देखते हुए इंस्पेक्टर हरि सिंह के नेतृत्व में विशेष टीम का गठन किया गया। इंस्पेक्टर विक्रम दहिया की निगरानी में टीम ने घटनास्थल और आसपास के 100 से अधिक सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगाली और मोबाइल फोन रिकॉर्ड का विश्लेषण किया। तकनीकी जांच और गुप्त सूचना के आधार पर पुलिस ने सबसे पहले कुख्यात अपराधी सुनील की पहचान की, जो उत्तर प्रदेश का रहने वाला है और हत्या, डकैती, लूट, हत्या के प्रयास, गैंगस्टर एक्ट और आर्म्स एक्ट समेत 17 से अधिक मामलों में शामिल रहा है।
करीब दो महीने तक लगातार निगरानी और छापेमारी के बाद पुलिस ने 14 जून को जोगिंदर उर्फ मुकेश को गौतमबुद्ध नगर के कंबक्शपुर गांव से गिरफ्तार किया। उसकी निशानदेही पर सुनील को हरियाणा के पलवल से दबोचा गया। सुनील के पास से एक देसी पिस्तौल और एक जिंदा कारतूस बरामद हुआ।
इसके बाद आरोपितों के किराए के ठिकाने से 11 लाख रुपये नकद, एक देसी पिस्तौल और एक जिंदा कारतूस बरामद किए गए। 15 जून को पुलिस ने हापुड़ के अलीशेर नगर, रामगढ़ी से गुलजार को गिरफ्तार किया, जिसके कब्जे से एक और देसी पिस्तौल बरामद हुई। पूछताछ के दौरान चौथे आरोपित अभिषेक उर्फ चिट्टा की पहचान हुई, जिसे हरियाणा के इंद्री, करनाल से गिरफ्तार किया गया।
रेकी कर बनाया था कारोबारी को निशाना
पुलिस जांच में सामने आया कि गुलजार ने सबसे पहले कारोबारी और उसकी दुकान की रेकी की थी। उसने दुकान खुलने और बंद होने का समय, कारोबारी की आवाजाही और रूट की जानकारी जुटाकर अपने साथियों को दी। इसके बाद सुनील ने इलाके की रेकी कर भागने के रास्तों की पहचान की। वारदात वाले दिन चारों आरोपित दुकान के आसपास जमा हो गए। कारोबारी के निकलते ही जोगिंदर ने उनकी स्कूटी रोककर गिरा दिया, जबकि अभिषेक ने पिस्तौल दिखाकर बैग छीनने की कोशिश की। स्थानीय लोगों के पहुंचने पर सुनील ने फायरिंग कर साथियों को फरार होने में मदद की।
पुलिस के मुताबिक, सुनील, जोगिंदर और गुलजार 12 जून 2026 को उप्र के फिरोजाबाद जिले के शिकोहाबाद में हुई एक लूट की वारदात में भी वांछित थे। वहीं, सुनील और जोगिंदर हरियाणा के फरीदाबाद में दर्ज एक रंगदारी के मामले में भी फरार चल रहे थे। इस मामले में आरोपितों ने कारोबारी से पांच करोड़ रुपये की फिरौती मांगी थी।
पुलिस के अनुसार, सुनील के खिलाफ उप्र, हरियाणा और दिल्ली में हत्या, लूट, डकैती, गैंगस्टर एक्ट और आर्म्स एक्ट समेत 17 से अधिक मामले दर्ज हैं। जोगिंदर के खिलाफ 12 आपराधिक मामले दर्ज हैं, जबकि अभिषेक पहले से स्नैचिंग और आर्म्स एक्ट के पांच मामलों में शामिल रहा है।
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