सुंदरनगर के प्रथम पीएचडी डॉ. मुरारीलाल शर्मा पंचतत्व में विलीन
- DSS Admin
- May 15, 2026
मंडी, 15 मई (हि.स.)। मंडी जिला के सुंदरनगर क्षेत्र के प्रख्यात विद्वान, शिक्षाविद् एवं सरल व्यक्तित्व के धनी डॉ. मुरारीलाल शर्मा का 93 वर्ष की आयु में निधन हो गया। उनके निधन से पूरे क्षेत्र में गहरा शोक व्याप्त है। वे अत्यंत सीधे-सादे, हँसमुख, मिलनसार एवं नेकदिल इंसान थे। दिखावे और व्यर्थ की बातों से दूर रहकर उन्होंने जीवनभर शिक्षा, समाज और संस्कृति की सेवा की। उनका व्यक्तित्व अत्यंत विनम्र, सहज एवं प्रेरणादायक था। वे सदैव लोगों की सहायता और मार्गदर्शन के लिए तत्पर रहते थे, जिसके कारण समाज में उन्हें विशेष सम्मान प्राप्त था।
डॉ. मुरारीलाल शर्मा सुंदरनगर क्षेत्र के प्रथम पीएचडी धारक थे। उनका शोध विषय पश्चिमी पहाड़ी बोली की मंडयाली भाषा का भाषा शास्त्रीय अध्ययन था। अपने शोध कार्य में उन्होंने मंडयाली भाषा की उत्पत्ति, व्याकरण, ध्वनिविज्ञान, मुहावरों, लोकोक्तियों, लोकगीतों, लोकगाथाओं तथा शब्दकोश का अत्यंत सुंदर एवं विस्तृत वर्णन किया है। उनका यह शोध आज भी क्षेत्रीय भाषा एवं लोक संस्कृति के संरक्षण की दिशा में एक महत्वपूर्ण दस्तावेज माना जाता है।
उन्होंने हिमाचल सरकार में हिंदी भाषा के प्रवक्ता के रूप में अपनी सेवाएं प्रदान कीं तथा हजारों विद्यार्थियों को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा देकर उनके जीवन को नई दिशा दी। शिक्षा के क्षेत्र में उनके योगदान को सदैव सम्मान के साथ याद किया जाएगा। डॉ. मुरारी लाल शर्मा ने दिल्ली स्थित एनसीईआरटी से करियर गाइडेंस का विशेष प्रशिक्षण एवं नियमित कोर्स भी किया था। इस प्रशिक्षण के माध्यम से वे विद्यार्थियों की रुचि एवं योग्यता का परीक्षण कर उन्हें उचित करियर चुनने के लिए मार्गदर्शन प्रदान करते थे। उनके मार्गदर्शन से लाभान्वित अनेक विद्यार्थी आज भी उन्हें श्रद्धा और सम्मान के साथ याद करते हैं ।
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