सूरजपुर : झाडू की आड़ में सवा चार करोड़ के गांजे की तस्करी, पुलिस को देख बस से कूदे तस्कर
- DSS Admin
- Jun 04, 2026



सूरजपुर, 04 जून (हि.स.)। छत्तीसगढ़ के सूरजपुर जिले में पुलिस ने नशे के सौदागरों के खिलाफ अब तक की सबसे बड़ी और सनसनीखेज कार्रवाई को अंजाम दिया है। जयनगर थाना क्षेत्र के सिलफिली के पास गुरुवार काे पुलिस ने घेराबंदी कर एक यात्री बस से करीब चार करोड़ 15 लाख रुपये मूल्य का भारी-भरकम गांजा जब्त किया है।
कपड़ों की बड़ी-बड़ी गठरियों में छिपाकर रखा गया यह 8 क्विंटल 30 किलो गांजा झाडू बेचने की आड़ में मध्य प्रदेश के कटनी भेजने की तैयारी थी। इस हाई-प्रोफाइल तस्करी रैकेट का पर्दाफाश तब हुआ जब संदिग्ध गतिविधियों को देखकर एक जागरूक नागरिक ने पुलिस को इसकी जानकारी दी।
इस पूरी कार्रवाई के दौरान पुलिस ने मौके से बस ड्राइवर समेत 6 महिला तस्करों को हिरासत में लिया है, जिनके साथ 4 दुधमुंहे बच्चे भी शामिल हैं। हालांकि, पुलिस की नाकेबंदी और सख्ती को देखकर बस में सवार करीब 18 से 19 अन्य आरोपी मौके का फायदा उठाकर भागने में सफल रहे, जिनकी गिरफ्तारी के लिए पुलिस की अलग-अलग टीमें लगातार छापेमारी कर रही हैं। तस्करों ने पुलिस की आंखों में धूल झोंकने के लिए बकायदा महिलाओं और छोटे बच्चों को आगे किया था ताकि किसी को भी बस पर शक न हो।
घटनाक्रम की शुरुआत तब हुई जब शिकायतकर्ता विजय सोनी अपनी गाड़ी लेकर सूरजपुर की ओर जा रहे थे। इसी दौरान उन्हें अंबिकापुर के कालीघाटी के पास कुछ बेहद संदिग्ध लोग नजर आए, जो नीलम कंपनी की बस (सीजी-15-ईएच-4301) में भारी मात्रा में सामान लोड कर रहे थे। अनहोनी की आशंका को देखते हुए विजय सोनी ने तुरंत डायल-112 को इसकी सूचना दी। शिकायतकर्ता का कहना है कि उनकी खुद की एक गाड़ी भी कटनी में फंसी हुई है और इस रैकेट के पकड़े जाने के बाद साफ हुआ है कि यह लोग लंबे समय से झाडू बेचने के बहाने गांजे का काला कारोबार कर रहे थे। उन्होंने पुलिस से इस मामले में कड़ी से कड़ी कार्रवाई की मांग की है ताकि निर्दोष लोगों को न्याय मिल सके।
इधर, पुख्ता इनपुट मिलते ही जयनगर थाना पुलिस अलर्ट हो गई और सिलफिली के पास रणनीतिक नाकेबंदी कर दी गई। जैसे ही अंबिकापुर से मध्य प्रदेश की ओर जा रही नीलम कंपनी की वह संदिग्ध बस वहां पहुंची, पुलिस ने उसे रुकने का इशारा किया। पुलिस टीम को सामने देखते ही बस के भीतर हड़कंप मच गया और उसमें सवार कई महिला-पुरुष तस्कर खिड़कियों और दरवाजों से कूदकर जंगलों व आस-पास के रास्तों की तरफ भागने लगे। पुलिस ने मुस्तैदी दिखाते हुए तुरंत बस को घेर लिया और मौके पर मौजूद ड्राइवर, हेल्पर और 6 महिलाओं को दबोच लिया। जब बस की सघन तलाशी ली गई, तो ऊपर और अंदर रखी कपड़ों की गठरियों के भीतर से करोड़ों रुपये का गांजा बरामद हुआ, जिसके बाद पुलिस ने तत्काल जब्ती की कार्रवाई करते हुए बस को थाने में खड़ा करवा दिया।
पकड़े गए बस ड्राइवर ने पूछताछ में बेहद चौंकाने वाले खुलासे किए हैं। चालक के अनुसार, अंबिकापुर के कालीघाट से किसी अज्ञात 'बाबू' नाम के शख्स ने इस पूरी बस को स्पेशल बुक किया था। कालीघाट से ही बस में करीब 20 से 22 लोग सवार हुए थे और उन्हें इस पूरे माल को मध्य प्रदेश के कटनी जिले के पिपरिया कला पहुंचाना था। इस खुलासे के बाद अब पुलिस उस मुख्य सरगना 'बाबू' और बैकएंड से इस पूरे सिंडिकेट को ऑपरेट करने वाले सफेदपोशों की कुंडली खंगालने में जुट गई है।
सूरजपुर एसएसपी प्रशांत ठाकुर ने मामले की पुष्टि करते हुए बताया कि मुखबिर और शिकायतकर्ता से मिली सटीक सूचना के आधार पर यह बड़ी सफलता हाथ लगी है। फिलहाल 6 महिला आरोपितों को गिरफ्तार कर लिया गया है और फरार आरोपितों की तलाश के लिए पुलिस की टीमें संभावित ठिकानों पर दबिश दे रही हैं। उन्होंने साफ किया कि जांच जैसे-जैसे आगे बढ़ेगी, इस अंतरराज्यीय ड्रग नेटवर्क से जुड़े कई और बड़े चेहरों के बेनकाब होने की पूरी उम्मीद है।
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