लहसनगंज में रेलवे स्टेशन निर्माण की मांग को लेकर संघर्ष समिति का गठन

अररिया 27 जून(हि.स.)।

फारबिसगंज–लक्ष्मीपुर नई रेल लाइन परियोजना में लैंड और एरियल सर्वे के बाद स्वाइल टेस्टिंग के रिपोर्ट रेल मंत्रालय को सबमिट किए जाने के बाद क्षेत्र में उत्साह का माहौल है। लगभग 17.5 किलोमीटर लंबी इस महत्वपूर्ण परियोजना के लिए अंतिम स्थल सर्वेक्षण और मिट्टी जांच का कार्य पूरा हो चुका है, जबकि अब विस्तृत परियोजना प्रतिवेदन तैयार किए जाने की प्रक्रिया जारी है।

प्रस्तावित रेल लाइन को फारबिसगंज से बेलई, लहसनगंज, रमई और पकड़ी होते हुए लक्ष्मीपुर तक जोड़ने की योजना है। इसी बीच लहसनगंज में रेलवे स्टेशन निर्माण की मांग जोर पकड़ने लगी है। इस संबंध में बजरंगबली मंदिर परिसर में स्थानीय ग्रामीणों की एक बैठक आयोजित की गई, जिसमें सर्वसम्मति से लहसनगंज रेलवे स्टेशन निर्माण संघर्ष समिति का गठन किया गया।

समिति में अनिल विश्वास को अध्यक्ष, रोहित रंजन को उपाध्यक्ष, सुशांत कुमार उर्फ बंटी विश्वास को सचिव तथा कपिल मंडल को कोषाध्यक्ष की जिम्मेदारी सौंपी गई।

बैठक में उपस्थित ग्रामीणों और समिति के सदस्यों ने कहा कि लहसनगंज का भौगोलिक एवं सड़क संपर्क इसे रेलवे स्टेशन के लिए उपयुक्त स्थान बनाता है। गांव राष्ट्रीय राजमार्ग-27 से दो प्रमुख सड़कों के माध्यम से जुड़ा हुआ है तथा चारों दिशाओं में पक्की सड़कों का नेटवर्क उपलब्ध है।

समिति का कहना है कि यदि लहसनगंज में रेलवे स्टेशन का निर्माण होता है तो लगभग 10 किलोमीटर के दायरे में रहने वाले दो लाख से अधिक लोगों को सीधा लाभ मिलेगा। हलहलिया, जागीर हलहलिया, खास हलहलिया, रहिकपुर लडुब्बा, रहिकपुर ठीलामोहन, मानिकपुर, टावर चौक मानिकपुर, बारा, बरदाहा, डोरिया, सोनापुर, समौल, खैरखां, घोड़ाघाट सहित आसपास के अनेक गांवों के लोगों को आवागमन की बेहतर सुविधा प्राप्त होगी।बैठक में अध्यक्ष अनिल विश्वास, उपाध्यक्ष रोहित रंजन उपाध्याय, सचिव सुशांत कुमार उर्फ बंटी विश्वास, कोषाध्यक्ष कपिल मंडल के अलावा विक्की पासवान, सुरेंद्र विश्वास, बनवारी राम, विद्यानंद पासवान, पुष्पराज भारती, गणेश पासवान, नारायण ततमा, चन्द्रशेन पासवान, विनय विश्वास, रवि भगत सहित बड़ी संख्या में स्थानीय ग्रामीण उपस्थित रहे।

स्थानीय लोगों ने सरकार और रेलवे प्रशासन से मांग की कि नई रेल लाइन परियोजना के तहत लहसनगंज में रेलवे स्टेशन का निर्माण सुनिश्चित किया जाए, ताकि पूरे क्षेत्र के लाखों नागरिकों को परिवहन और विकास का लाभ मिल सके।

   

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