सामाजिक बदलाव के पुरोधा थे सत्येंद्र व श्यामसुंदर : संजय सिंह टाइगर
- DSS Admin
- Jul 05, 2026
नवादा, 05 जुलाई (हि.स.)। बिहार सरकार के उच्च शिक्षा व विधि मंत्री संजय टाइगर ने रविवार को कहा कि समाज उन व्यक्तियों को ही याद करता है जिनमें कठिन परिस्थितियों के बावजूद भी लोक और नव निर्माण में अपना सर्वस्व न्योछावर कर देते हैं । ऐसे ही जज्बे के दो महान सपूत पूर्व मुख्यमंत्री सत्येन्द्र नारायण सिंह और वारसलीगंज के पूर्व विधायक श्याम सुंदर सिंह थे । जिन्होंने कठिन परिस्थितियों के बाद भी शिक्षा को समाज का सबसे अमूल तोहफा मानकर इसके प्रगति में सारा जीवन व्यतीत कर दिया।
मंत्री टाइगर ने कहा कि समाज में योगदान देने वालों का ही प्रतिमा प्रतिष्ठित की जाती है। वे रविवार को शहर के प्रतिष्ठित एसएस कॉलेज वारिसलीगंज के प्रांगण में पूर्व मुख्यमंत्री सत्येंद्र नारायण सिंह एवं वारिसलीगंज के पूर्व विधायक श्याम सुंदर सिंह के प्रतिमा अनावरण के मौके पर बोल रहे थे उन्होंने कहा कि लोगों का आना-जाना दुनिया की परम्परा है.परन्तु सांचे को बदलने की क्षमता जिसमें होती है,इतिहास उसी को याद करती है। इसीलिए सूबे के पूर्व मुख्यमंत्री सतेन्द्र नारायण सिंह और वारिसलीगंज के पूर्व विधायक श्याम सुंदर सिंह के आदर्शों व मूल्यों को आज भी लोग याद करते हैं। उन्होंने कहा कि विचारों में मतभिन्नता होना एक स्वभाविक प्रक्रिया है.राजनीति के स्तर को ऊंचा उठाने में सतेन्द्र बाबू का अहम योगदान था।
संजय टाइगर ने कहा कि उनके विचारों से प्रेरणा लेने की जरूरत है। जबकि श्याम सुंदर बाबू अपने पूरे जीवनकाल में संघर्षरत रहे.इसलिए आज हम सबको सतेन्द्र व श्याम सुंदर बाबू के विचारों व आदर्शों का संकल्प लेने की जरूरत है। मंत्री ने कहा कि कर्तव्यों के प्रति सजगता से ही चरित्र और आचरण स्थापित किया जा सकता है। उन्होंने कॉलेजों में प्राध्यापक की कमी पर कहा कि प्राध्यापक की बहाली तो बेहद जरूरी है,परन्तु छात्र व छात्राओं को भी नियमित क्लास करना आवश्यक है। क्योंकि शिक्षा एक ऐसा हथियार है जो दुनिया को बदलने की क्षमता रखती है.विद्वान का सम्मान त्रिलोक में भी होता है। इन विभूतियों से प्रेरणा लेने की जरूरत है।
मौके पर मौजूद मगध विश्वविद्यालय के कुलपति दिलीप कुमार केसरी ने कहा कि हमारी पढ़ाई और प्राध्यापक से कुलपति तक की सेवा मगध क्षेत्र में ही हुआ है। इसलिए शिक्षकों के दर्द को अच्छी तरह समझते हैं। उन्होंने वारिसलीगंज एसएन सिन्हा कॉलेज में पीजी पढ़ाई की भी घोषणा की।
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