राज्यसभा क्रॉस-वोटिंग मामला: ओडिशा विधानसभा अध्यक्ष ने 8 विधायकों को अयोग्य ठहराने की बीजद की याचिका खारिज की
- DSS Admin
- Jun 22, 2026
भुवनेश्वर, 22 जून (हि.स.)। राज्यसभा चुनाव में कथित क्रॉस-वोटिंग को लेकर बीजू जनता दल (बीजद) को बड़ा राजनीतिक झटका लगा है। ओडिशा विधानसभा की अध्यक्ष सुरमा पाढ़ी ने पार्टी द्वारा दायर उस याचिका को खारिज कर दिया है, जिसमें आठ विधायकों को अयोग्य घोषित करने की मांग की गई थी।
ओडिशा विधानसभा सचिवालय द्वारा 19 जून को जारी आधिकारिक अधिसूचना के अनुसार, बीजद की मुख्य सचेतक प्रमिला मलिक ने 25 अप्रैल को आठ विधायकों के खिलाफ अयोग्यता याचिका दायर की थी। पार्टी का आरोप था कि इन विधायकों ने मार्च में हुए राज्यसभा चुनाव के दौरान पार्टी व्हिप का उल्लंघन करते हुए क्रॉस-वोटिंग की थी।
याचिका में जिन विधायकों के नाम शामिल थे, उनमें देवी रंजन त्रिपाठी, सौविक बिस्वाल, रमाकांत भोई, नव मलिक, सुभासिनी जेना, चक्रमणि कन्हर, अरविंद महापात्र और सनातन महाकुड़ शामिल हैं।
बीजद ने दल-बदल विरोधी कानून (एंटी-डिफेक्शन प्रावधानों) के तहत कार्रवाई की मांग करते हुए विधानसभा अध्यक्ष से इन विधायकों को सदन की सदस्यता से अयोग्य घोषित करने का अनुरोध किया था। हालांकि, मामले की जांच और कानूनी पहलुओं पर विचार करने के बाद अध्यक्ष ने याचिका को खारिज कर दिया, जिससे सभी आठ विधायक अपनी विधानसभा सदस्यता बरकरार रखने में सफल रहे।
अपने आदेश में अध्यक्ष ने कहा कि याचिका अस्पष्ट और अप्रमाणित है तथा इसमें वे आवश्यक तथ्य और कानूनी आधार नहीं हैं, जिनके आधार पर मामले की गुण-दोष के आधार पर सुनवाई की जा सके।
आदेश में कहा गया है कि याचिका वैधानिक आवश्यकताओं को पूरा नहीं करती और इसमें गंभीर त्रुटियां हैं। इसलिए इसे विचार योग्य नहीं माना जा सकता।
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