क्रिस्टियानो रोनाल्डो ने विश्व कप को कहा अलविदा, बोले- यह मेरा आखिरी फीफा वर्ल्ड कप था
- DSS Admin
- Jul 07, 2026
आर्लिंग्टन।, 07 जुलाई (हि.स.)।
पुर्तगाल के दिग्गज फुटबॉलर क्रिस्टियानो रोनाल्डो ने पुष्टि कर दी है कि फीफा विश्व कप 2026 उनके करियर का आखिरी विश्व कप था।
स्पेन से राउंड ऑफ-16 में 0-1 की हार के बाद भावुक रोनाल्डो ने कहा कि वह विश्व कप को अलविदा कह रहे हैं, लेकिन अपने अंतरराष्ट्रीय भविष्य पर कोई जल्दबाज़ी में फैसला नहीं लेंगे।
मैच के बाद मीडिया से बातचीत में रोनाल्डो ने कहा कि स्पेन को जीत में थोड़ी किस्मत का साथ मिला और मुकाबला किसी भी दिशा में जा सकता था।
उन्होंने कहा, इस तरह विश्व कप से बाहर होना मेरे लिए बेहद दुखद है। मैंने अपना सब कुछ झोंक दिया। अपनी ओर से पूरी कोशिश की और मैं पूरी तरह संतुष्ट हूं कि मैंने कोई कमी नहीं छोड़ी। हां, यह मेरा आखिरी विश्व कप था, लेकिन अब मैं अपने परिवार के साथ समय बिताऊंगा और शांति से आगे के बारे में सोचूंगा। मैं कोई भी फैसला जल्दबाज़ी में नहीं लूंगा।
41 वर्षीय रोनाल्डो ने यह स्पष्ट नहीं किया कि यह पुर्तगाल के लिए उनका आखिरी अंतरराष्ट्रीय मैच था या नहीं। उन्होंने कहा कि वह नहीं चाहते कि उनका व्यक्तिगत फैसला टीम के अभियान पर हावी हो जाए।
उन्होंने कहा, मैं भावनाओं में बहकर फैसले नहीं करता।
रोनाल्डो ने पुर्तगाल के साथ अपने सफर पर गर्व जताते हुए कहा कि उन्होंने देश को वह उपलब्धियां दिलाईं, जो पहले कभी नहीं मिली थीं।
उन्होंने कहा, मैंने पुर्तगाल के लिए तीन बड़े खिताब जीते। क्रिस्टियानो रोनाल्डो से पहले पुर्तगाल ने कोई बड़ा खिताब नहीं जीता था। राष्ट्रीय टीम के साथ 2016 में जीती गई यूरोपीय चैम्पियनशिप मेरे लिए विश्व कप जीतने जितनी ही बड़ी उपलब्धि है।
पुर्तगाल के विश्व कप से बाहर होने के साथ ही मुख्य कोच रोबर्टो मार्टिनेज का कार्यकाल भी समाप्त हो गया। रोनाल्डो ने उनके लिए भी सम्मान व्यक्त किया।
उन्होंने कहा, मुझे उनके साथ काम करके बहुत अच्छा लगा। वह शानदार कोच और बेहतरीन इंसान हैं। उन्होंने पुर्तगाल के लिए जो किया, उसके लिए उनकी सराहना होनी चाहिए। मैं उनका धन्यवाद करता हूं और उनके उज्ज्वल भविष्य की कामना करता हूं।
अल-नस्र के स्टार फॉरवर्ड ने अंत में कहा, किसी बड़े टूर्नामेंट से बाहर होना हमेशा दुख देता है। यह विश्व कप था और हमारी टीम लगातार बेहतर खेल रही थी। मेरी नजर में हमने अच्छा प्रदर्शन किया। मुकाबला किसी भी तरफ जा सकता था, लेकिन यही फुटबॉल है। हमें इस हार से उबरकर आगे बढ़ना होगा। इस तरह बाहर होना निराशाजनक है, लेकिन हमें गर्व के साथ सिर ऊंचा रखकर आगे बढ़ना चाहिए।
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