एसएससी भर्ती घोटाले में ईडी की बड़ी कार्रवाई, विधायक जीवनकृष्ण साहा और ‘मिडिलमैन’ प्रसन्न की 58 करोड़ रुपये की संपत्ति जब्त

कोलकाता, 21 जनवरी (हि. स.)। स्कूल सर्विस कमीशन (एसएससी) भर्ती घोटाले में प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने एक बार फिर कड़ा रुख अपनाते हुए तृणमूल कांग्रेस के विधायक जीवनकृष्ण साहा और कथित ‘मिडिलमैन’ प्रसन्नकुमार राय के खिलाफ बड़ी कार्रवाई की है। ईडी ने दोनों से जुड़ी लगभग 57 करोड़ 78 लाख रुपये मूल्य की संपत्तियां अस्थायी रूप से जब्त कर ली हैं।

ईडी सूत्रों के अनुसार, जब्त की गई संपत्तियों में नकद राशि, होटल, रिसॉर्ट और अन्य अचल संपत्तियां शामिल हैं, जिनका संबंध कथित तौर पर अयोग्य अभ्यर्थियों से नौकरी दिलाने के बदले वसूली गई रकम से है।

जांच एजेंसी का दावा है कि जीवनकृष्ण साहा ने न केवल अपने नाम पर, बल्कि परिजनों और रिश्तेदारों के नाम पर चल रहे व्यवसायों में भी भर्ती घोटाले से प्राप्त धन का निवेश किया था।

गौरतलब है कि मुर्शिदाबाद जिले के बड़ार इलाके से विधायक जीवनकृष्ण साहा को सीबीआई ने अप्रैल 2023 में एसएससी भर्ती मामले में गिरफ्तार किया था। उस समय उन पर सबूत नष्ट करने के उद्देश्य से मोबाइल फोन तालाब में फेंकने का आरोप लगा था। बाद में उन्हें जमानत मिल गई थी। इसके बाद अगस्त 2024 में इसी मामले में ईडी ने उन्हें दोबारा गिरफ्तार किया था। उस दौरान उन पर ईडी की कार्रवाई से बचने के लिए दीवार फांदकर भागने की कोशिश करने का भी आरोप लगा था।

ईडी का कहना है कि जांच के दौरान कई संदिग्ध वित्तीय लेनदेन सामने आए हैं। एजेंसी के अनुसार, विधायक की पत्नी और पिता के बैंक खातों का भी कथित तौर पर लेनदेन के लिए इस्तेमाल किया गया। ईडी ने अदालत में यह भी दावा किया था कि आवश्यक दस्तावेज मांगने के बावजूद उन्हें उपलब्ध नहीं कराए गए।

दूसरी ओर, एसएससी भर्ती घोटाले में कथित मिडिलमैन प्रसन्नकुमार राय को पहले सीबीआई ने गिरफ्तार किया था, जिसके बाद ईडी ने मामले के आर्थिक पहलुओं की जांच शुरू की। वर्तमान में प्रसन्न न्यायिक हिरासत में हैं। ईडी की जांच में उनकी विभिन्न कंपनियों और संस्थानों में 26 करोड़ एक लाख 89 हजार 672 रुपये के निवेश का पता चला है।

हालांकि, प्रसन्नकुमार राय ने इन आरोपों को खारिज करते हुए दावा किया है कि यह पूरी रकम उन्होंने कृषि कार्यों से अर्जित की है। उनका कहना है कि उन्होंने स्थानीय किसानों के साथ मजदूरी-आधारित कृषि निवेश किया और उससे हुई आय को अपनी विभिन्न कंपनियों के खातों में जमा किया। ईडी द्वारा दाखिल चार्जशीट में भी उनके इस बयान का उल्लेख किया गया है।

हिन्दुस्थान समाचार / ओम पराशर

   

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