कोलकाता में पर्यावरण दिवस पर मुख्यमंत्री का आदेश : भवन योजनाओं में एक-तिहाई हरित क्षेत्र अनिवार्य करने पर जोर
- DSS Admin
- Jun 05, 2026
कोलकाता, 05 जून (हि.स.)। विश्व पर्यावरण दिवस के अवसर पर कोलकाता के नलबन क्षेत्र में आयोजित एक कार्यक्रम में मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी ने शहरीकरण और पर्यावरण संतुलन को लेकर चिंता व्यक्त की हे। उन्होंने कहा कि तेजी से बढ़ते कंक्रीट के जंगल और बड़े-बड़े आवासीय परिसरों के बीच हरियाली लगभग समाप्त होती जा रही है, जिसका भविष्य में गंभीर परिणाम भुगतना पड़ सकता है।
मुख्यमंत्री ने स्पष्ट रूप से कहा कि भवन निर्माण योजनाओं की स्वीकृति देने वाले अधिकारियों को यह सुनिश्चित करना चाहिए कि कम से कम एक-तिहाई भूमि पर वृक्षारोपण अनिवार्य रूप से हो, लेकिन व्यवहार में इस नियम का पालन नहीं हो रहा है। उन्होंने इसे गंभीर लापरवाही बताते हुए कहा कि पर्यावरण संतुलन बनाए रखने के लिए इस नियम को सख्ती से लागू करना आवश्यक है।
इस अवसर पर राज्य सरकार की ओर से ‘मां के नाम एक वृक्ष’ अभियान के तहत छह लाख फलदार पौधे लगाने की योजना की जानकारी दी गई। साथ ही आगामी मानसून सत्र में एक करोड़ 10 लाख पौधे लगाने का लक्ष्य निर्धारित किया गया है। मुख्यमंत्री ने कहा कि केवल वृक्षारोपण ही नहीं, बल्कि उनका संरक्षण भी उतना ही महत्वपूर्ण है, अन्यथा यह केवल औपचारिकता बनकर रह जाएगा।
उन्होंने शिक्षा व्यवस्था में पर्यावरण और वृक्षारोपण को और अधिक विस्तार से शामिल करने की आवश्यकता पर भी बल दिया। मुख्यमंत्री ने कहा कि स्कूलों के पाठ्यक्रम में इस विषय पर पहले से अध्याय मौजूद हैं, लेकिन इसे और प्रभावी बनाने की जरूरत है ताकि नई पीढ़ी में पर्यावरण के प्रति जागरूकता बढ़े।
मुख्यमंत्री ने जंगलों की जमीन के अवैध हस्तांतरण और पेड़ों की कटाई पर भी चिंता जताई। उन्होंने कहा कि जंगलमहल और तराई-दुआर क्षेत्र अपनी प्राकृतिक सुंदरता के लिए जाने जाते हैं, लेकिन वहां भी पेड़ों की कटाई की घटनाएं सामने आ रही हैं, जो गंभीर विषय है।
उन्होंने धार्मिक और सार्वजनिक स्थलों की स्वच्छता पर भी जोर दिया और कहा कि कालीघाट, दक्षिणेश्वर मंदिर और कपिल मुनि आश्रम जैसे स्थलों को स्वच्छ और सुव्यवस्थित रखना सरकार की जिम्मेदारी है। इस अवसर पर उन्होंने नलबन क्षेत्र की झील में मछली के बीज भी डाले।
कार्यक्रम में मंत्री शंकर घोष, शारद्वत मुखोपाध्याय, विधायक पीयूष कानोरिया, लॉकेट चटर्जी, मुख्य सचिव मनोज अग्रवाल, मुख्यमंत्री के सलाहकार सुब्रत गुप्ता सहित वरिष्ठ प्रशासनिक अधिकारी उपस्थित थे।

