तारातला हादसे में तीन सगे भाइयों की मौत से पसरा मातम

कोलकाता , 27 जून (हि.स.)।

रोजगार की तलाश में बिहार से एक ही परिवार के छ: सदस्य कोलकाता आए थे, लेकिन तारातला के निर्माणाधीन गोदाम में हुए दर्दनाक हादसे ने परिवार के तीन भाइयों की जान ले ली।

बुधवार को हुए हादसे के दिन ही बिहार के मुंगेर निवासी घी कुमार की मौत हो गई थी। इसके बाद देर रात मलबे से उनके भाई मन्नू कुमार को बाहर निकाला गया, लेकिन अस्पताल में इलाज के दौरान उनकी भी मौत हो गई। वहीं हादसे के करीब 48 घंटे बाद ध्वस्त इमारत के मलबे के नीचे से तीसरे भाई शिरचांद कुमार का शव बरामद किया गया।

जानकारी के अनुसार, शव की हालत इतनी खराब थी कि पहचान करना मुश्किल हो गया था। आखिरकार मोबाइल फोन के जरिए शिरचांद की पहचान की जा सकी। पोस्टमार्टम के बाद उनका शव बिहार भेजा जाएगा।

उल्लेखनीय है कि गत बुधवार दोपहर करीब 12 बजकर सात मिनट पर तारातला स्थित निर्माणाधीन वाणिज्यिक भवन अचानक गिर पड़ा। उस समय वहां कई मजदूर काम कर रहे थे और वे मलबे के नीचे दब गए। हादसे के तुरंत बाद पुलिस, दमकल, एनडीआरएफ और सेना ने संयुक्त रूप से राहत और बचाव अभियान शुरू किया।

एक-एक कर कई मजदूरों को सुरक्षित बाहर निकाला गया, लेकिन कुछ लोग लंबे समय तक लापता रहे। शिरचांद की तलाश लगातार जारी थी और आशंका जताई जा रही थी कि वह मलबे के नीचे फंसे हुए हैं। आखिरकार उनका शव बरामद हुआ।

परिवार के अन्य तीन सदस्य अभी भी अस्पताल में उपचाराधीन हैं। ताजा जानकारी के अनुसार, तारातला हादसे में मृतकों की संख्या बढ़कर 17 हो गई है। घटनास्थल पर अभी भी राहत और बचाव कार्य जारी है।

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