एसआईआर ड्यूटी से शिक्षक नाराज, 9 जुलाई को स्कूल बंद की चेतावनी

मुंबई, 06 जुलाई (हि.स.)। महाराष्ट्र के शिक्षकों ने वोटर लिस्ट के स्पेशल इंटेंसिव रिवीजन (एसआईआर ) के तहत उन्हें सौंपी गई बूथ लेवल ऑफिसर (बीएलओ) ड्यूटी को लेकर नाराजगी जताई है। इस ड्यूटी से पूरी तरह छूट देने की मांग की गई है। कई शिक्षक संगठनों ने 9 जुलाई को पूरे राज्य में स्कूल बंद और विरोध प्रदर्शन की चेतावनी दी है।

शिक्षक संगठनों ने टीचर्स एलिजिबिलिटी टेस्ट (टीईटी) नियमों, पदोन्नति के नियमों और उन्हें सौंपी गई नॉन-एकेडमिक ड्यूटी सहित कई मुद्दों पर राज्य सरकार से तुरंत हस्तक्षेप करने की मांग की है। इस संबंध में मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीसी को पत्र लिखा गया है। शिक्षक सगंठनों का कहना है कि एसआईआर की ड्यूटी के कारण शिक्षक छात्रों के पढ़ाने के अपने मुख्य काम पर ध्यान नहीं दे पा रहे हैं। इससे शिक्षा की गुणवत्ता पर बुरा असर पड़ रहा है। सरकार को तुरंत इस पर ध्यान देना चाहिए। अन्यथा 9 जुलाई को एक दिन के लिए स्कूल बंद किया जाएगा। शिक्षक जिला कार्यालयों के बाहर विरोध प्रदर्शन करेंगे। मुंबई के आजाद मैदान में धरना दिया जाएगा। उनकी मुख्य मांगों में साल 2013 से पहले नियुक्त टीचरों के लिए जरूरी टीईटी से छूट भी शामिल है। उनका कहना है कि कानून में सुधार किया जाना चाहिए। सरकार राज्य टीईटी फ्रेमवर्क में टीचर-फ्रेंडली बदलाव लाकर शिक्षकों को राहत दे।

महाराष्ट्र राज्य प्राथमिक शिक्षक समिति द्वारा मुख्यमंत्री फडणवीस को लिखे गए पत्र में कहा गया है कि टीईटी को ज़्यादा एप्लीकेशन ओरिएंटेड टेस्ट के तौर पर फिर से डिजाइन किया जा सकता है, जो शिक्षकों के लिए ज्यादा प्रैक्टिकल होगा। इससे वे अपने वर्षों के टीचिंग एक्सपीरियंस के आधार पर जल्द ही टेस्ट पास कर सकेंगे। बीएलओ ड्यूटी उन पर नॉन-एकेडमिक काम का अतिरिक्त बोझ है। इससे क्लासरूम टीचिंग में रुकावटें आ रही हैं। शिक्षकों का आरोप है कि नई पदोन्नति नीति अनुभव के हिसाब से वरिष्ठता पर आधारित नहीं है। बदले हुए नियम से प्राइमरी स्कूलों में शिक्षकों की संख्या कम हो जाएगी।

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