प्रदर्शनों से नहीं बदलेगी ट्रांसफर लिस्ट, जो लगेगा वो हटेगा भी: दिलावर

तबादलों के बाद हो रहे प्रदर्शनों को शिक्षा मंत्री ने बताया सामान्य प्रक्रिया

जोधपुर, 24 सितम्बर (हि.स.)। शिक्षा एवं पंचायती राज मंत्री मदन दिलावर ने तबादलों के बाद प्रदर्शन को सामान्य प्रक्रिया बताया। मंत्री ने कहा कि जो शिक्षक कहीं लगेगा तो हटेगा भी। ऐसे प्रदर्शनों से शिक्षा विभाग के फैसले पर कोई फर्क नहीं पड़ेगा। शिक्षा और जिला प्रभारी मंत्री मदन दिलावर बुधवार सुबह सर्किट हाउस में मीडिया से बात कर रहे थे।

दरअसल प्रदेश की स्कूलों में प्राचार्यों और समकक्षों की तबादला सूची को लेकर बयानबाजी के बीच कई जगह विद्यार्थी ट्रांसफर का विरोध कर रहे हैं। जोधपुर के रामपुरा भाटियान स्कूल में बुधवार सुबह बच्चों ने प्रिंसिपल के ट्रांसफर पर विरोध जताया और प्रदर्शन किया। जोधपुर की राष्ट्रपति पुरस्कार विजेता महिला प्रिंसिपल के ट्रांसफर पर मंत्री बोले कि राष्ट्रपति पुरस्कार प्राप्त शिक्षक बेहद सम्मानित होते हैं। ऐसे सम्मानित अध्यापक का दायित्व है कि वे कमजोर बच्चों में श्रेष्ठता दिखा आगे बढ़ाएं। राष्ट्रपति पुरस्कार के लिए प्रदेश में चयन की कमी के सवाल पर दिलावर ने कहा- मैं यह चयन नहीं करता हूं, इसलिए इस पर कमेंट नहीं करूंगा।

जातिगत और विद्वेषतापूर्वक ढंग से तबादले करने के कांग्रेस प्रदेशाध्यक्ष गोविंद सिंह डोटासरा के आरोप पर दिलावर ने कहा कि कांग्रेस राज में पैसे लेकर ट्रांसफर होते थे। मेरे बयान का आधार पूर्व मुख्यमंत्री अशोक गहलोत का बयान है। इसमें गहलोत ने एक कार्यक्रम में शिक्षकों से पूछा था कि क्या पैसे लेकर तबादले किए जाते हैं। कई अध्यापकों ने हामी भरी थी। दिलावर बोले कि भाजपा शासन में ऐसा चलन नहीं है। पैसे लेकर तबादले करना कांग्रेस राज में ही होता है।

शिक्षकों से अन्य कार्य कराने के सवाल पर मंत्री बोले कि चुनाव और जनगणना बार बार नहीं होती है। सरकार इसके लिए अलग व्यवस्था नहीं कर सकती। यह पूरे देश में होता है। शिक्षक ईमानदार होते हैं, इसलिए उनसे यह काम कराते हैं। मंत्री दिलावर ने कहा कि हमने शिक्षकों से कहा कि अपना मोबाइल कक्षा में ना ले जाएं। वे कहते हैं कि कई काम करने पड़ते हैं, जो पूरी तरह असत्य है। यह इसलिए कह रहा हूं कि हमारी सारी जानकारी शाला दर्पण पोर्टल पर उपलब्ध है। मैंने अधिकारियों से कहा कि शाला दर्पण पर उपलब्ध जानकारी यदि कोई अधिकारी मांगे तो उस पर कार्रवाई करें। इमरजेंसी में कोई काम होता है तो उसका संदेश प्रिंसिपल को मिलता है। प्रिंसिपल यह कार्य उन अध्यापकों से कराता है, जिनका पीरियड खाली होता है।

हिन्दुस्थान समाचार / सतीश

   

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