पीओके में ‘अशांति’ पर एक्शन में संयुक्त राष्ट्र, जताई चिंता
- Sanjay Kulshrestha
- Jul 19, 2026
संयुक्त राष्ट्र, संयुक्त राष्ट्र के मानवाधिकार कार्यालय ने पाकिस्तान के कब्जे वाले कश्मीर (पीओके) में जारी अशांति पर चिंता जताते हुए प्रदर्शनकारियों और सुरक्षाबलों के जवानों की मौत की घटनाओं की निष्पक्ष जांच कराने की मांग की है।जिनेवा से जारी एक बयान में कहा गया कि संयुक्त राष्ट्र के मानवाधिकार उच्चायुक्त वोल्कर टुर्क ने इस माह के अंत में होने वाले क्षेत्रीय चुनावों से पहले पीओके में फैली अशांति के बीच शांति बनाए रखने की शुक्रवार को अपील की। बयान के अनुसार, जून से अब तक कई लोगों की मौत की सूचना है। इनमें अधिकांश प्रदर्शनकारी हैं, जबकि कुछ कानून-प्रवर्तन एजेंसियों के कर्मी भी शामिल हैं। टुर्क ने अशांति के दौरान हुई मौत की सभी घटनाओं की तत्काल, गहन और निष्पक्ष जांच कराने की मांग की। उन्होंने कहा कि प्रदर्शनकारियों और सुरक्षाबलों के सदस्यों, दोनों की मौत की घटनाओं की जांच होनी चाहिए। बयान में कहा गया कि किसी नागरिक संगठन को अपराधी घोषित करना और जन सभाओं पर कड़े प्रतिबंध लगाना अभिव्यक्ति की आजादी, शांतिपूर्ण सभा करने के अधिकार और संगठन बनाने की स्वतंत्रता जैसे मूल अधिकारों के उल्लंघन को लेकर गंभीर चिंताएं पैदा करता है। टुर्क ने कहा कि हिरासत में लिए गए जेएएसी नेताओं को कानूनी सहायता और अपने परिवारों से मिलने की सुविधा मिलनी चाहिए। साथ ही उनके निष्पक्ष सुनवाई और विधिसम्मत प्रक्रिया के अधिकार की पूरी तरह रक्षा की जानी चाहिए। बयान में कहा गया कि क्षेत्र में इंटरनेट सेवाओं पर लगाए गए प्रतिबंध भी चिंता का विषय हैं और कहा कि हम अधिकारियों से पूरे क्षेत्र में इंटरनेट सेवाएं पूरी तरह बहाल करने का आग्रह करते हैं।

