आरएसएस के पांच त्रिदिवसीय संघ शिक्षा वर्ग सम्पन्न, 200 से अधिक स्वयंसेवकों को मिला प्रशिक्षण
- DSS Admin
- Jun 30, 2026
-आरएसएस के पांच त्रिदिवसीय संघ शिक्षा वर्ग सम्पन्न, 200 से अधिक स्वयंसेवकों को मिला प्रशिक्षण
-राष्ट्र निर्माण, सामाजिक समरसता और अनुशासन का दिया संदेश, जिले के पांच स्थानों पर आयोजित हुए शिविर
औरैया, 30 जून (हि. स.)। उत्तर प्रदेश के औरैया जनपद में राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (आरएसएस) द्वारा में आयोजित पांच त्रिदिवसीय प्रारंभिक संघ शिक्षा वर्गों का मंगलवार काे सफलतापूर्वक समापन हो गया। जिले के विभिन्न स्थानों पर आयोजित इन शिविरों में 200 से अधिक स्वयंसेवकों ने भाग लिया। तीन दिनों तक चले प्रशिक्षण वर्गों में स्वयंसेवकों को शारीरिक, बौद्धिक एवं व्यावहारिक प्रशिक्षण प्रदान किया गया।
प्रशिक्षण वर्गों में शामिल विद्यार्थी एवं कार्यकर्ताओं को अनुशासन, समाज सेवा और राष्ट्र निर्माण की भावना से ओतप्रोत किया गया। बौद्धिक सत्रों के दौरान स्वयंसेवकों को ‘राष्ट्र निर्माण’ एवं ‘पंच परिवर्तन’ जैसे विषयों पर विस्तार से जानकारी दी गई। साथ ही सामाजिक समरसता, पर्यावरण संरक्षण और सामाजिक उत्तरदायित्व का संदेश भी दिया गया।
जिला प्रचारक अनूप ने बताया कि प्रारंभिक संघ शिक्षा वर्ग शाखा में आने वाले नए स्वयंसेवकों को संघ की कार्यपद्धति, शारीरिक अभ्यास तथा वैचारिक स्पष्टता प्रदान करने के उद्देश्य से आयोजित किए जाते हैं। उन्होंने कहा कि राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ की 100 वर्षों की यात्रा संगठन, समर्पण और राष्ट्र निर्माण की सतत साधना की यात्रा रही है। उन्होंने बताया कि जिले में ये शिविर औरैया स्थित गुलाब सिंह महाविद्यालय, दिबियापुर के सरस्वती विद्या मंदिर इंटर कॉलेज, सहार के मन्नूलाल द्विवेदी महाविद्यालय, एरवाकटरा के दादाजी महाविद्यालय तथा अजीतमल के बाल विकास संस्थान इंटर कॉलेज में आयोजित किए गए।
तीनों दिन स्वयंसेवकों ने सुबह 4 बजे से रात 10:15 बजे तक अनुशासित दिनचर्या का पालन किया। प्रशिक्षण के दौरान योग, व्यायाम, खेल, दंड प्रशिक्षण जैसी शारीरिक गतिविधियों के साथ-साथ राष्ट्र, समाज, संस्कृति और समसामयिक विषयों पर बौद्धिक सत्र भी आयोजित किए गए।
इसके अतिरिक्त पर्यावरण संरक्षण और सामाजिक जागरूकता को बढ़ावा देने के उद्देश्य से श्रम साधना, स्वच्छता अभियान, वृक्ष संरक्षण, जल संरक्षण तथा जैविक खाद निर्माण जैसे रचनात्मक कार्य भी कराए गए। शिविरों के समापन पर स्वयंसेवकों में उत्साह और सेवा भावना देखने को मिली।
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