गोरखपुर की गोड़धोइया नाला परियोजना 15 जून तक पूर्ण हो जाएगी : मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ
- DSS Admin
- May 15, 2026
-गोड़धोइया नाला परियोजना के कार्यों का दो स्थानों पर स्थलीय निरीक्षण के बाद मुख्यमंत्री ने की घोषणा
गोरखपुर, 15 मई (हि.स.)। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने शुक्रवार शाम गाेरखपुर में गोड़धोइया नाला परियोजना के कार्यों का दो स्थानों (जीरो पॉइंट जंगल छत्रधारी और बिछिया एसटीपी) पर स्थलीय निरीक्षण किया। इस दौरान उन्होंने अब तक हुए कार्यों पर संतोष जताते हुए शेष बचे कार्यों को जल्द से जल्द पूर्ण करने के निर्देश दिए। निरीक्षण के बाद बिछिया एसटीपी के पास उपस्थित जनसमूह को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री ने घोषणा की कि यह परियोजना 15 जून तक पूर्ण हो जाएगी और उसके बाद उद्घाटन समारोह आयोजित किया जाएगा।
प्रबुद्ध संवाद कार्यक्रम को संबोधित करने के बाद मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ 495 करोड़ रुपये की लागत वाले गोड़धोइया नाला परियोजना (पक्का नाला निर्माण, डायवर्जन, इंटरसेप्शन और ट्रीटमेंट की परियोजना) के कार्यों का जायजा लेने सबसे पहले इसके जीरो पॉइंट जंगल छत्रधारी पहुंचे। यहां उन्होंने निर्माण कार्य, पक्के नाले में जल प्रवाह को देखने के साथ ही परियोजना के ड्राइंग मैप व मॉडल का अवलोकन किया। कार्यदायी संस्था जल निगम (शहरी) के अधिकारियों ने मुख्यमंत्री को बताया कि परियोजना की अब तक की कुल भौतिक प्रगति 95 प्रतिशत है। इस प्रोजेक्ट के अंतर्गत 9.25 किमी की लंबाई में नाला निर्माण हो चुका है। 38 एमएलडी की एसटीपी (सीवरेज ट्रीटमेंट प्लांट) बन गई और वर्तमान में इसका ट्रायल रन चल रहा है। 61 एमएलडी क्षमता के पंपिंग स्टेशन का भी कार्य पूर्ण हो गया है और इसका भी ट्रायल रन किया जा रहा है। 17.94 किमी इंटरसेप्टिंग सीवर लाइन में से 17.50 किमी तक काम हो गया है, शेष कार्य भी जारी है। 14 ब्रिज/कल्वर्ट भी बन गए हैं। शेष कार्य को भी तेजी से कराया जा रहा है। यह परियोजना एक मृत नाले को पुनर्जीवित करने का माध्यम बनी है।
मुख्यमंत्री योगी ने कहा कि पिछले 9 वर्ष में गोरखपुर महानगर ने बहुत सारी उपलब्धियां हासिल की हैं। आज गोरखपुर में चारों दिशाओं से फोरलेन सड़कों की कनेक्टिविटी है। गोरखपुर में रामगढ़ताल का सुंदरीकरण हो चुका है। गोरखपुर में जल निकासी की उचित व्यवस्था, खुले नालों को बंद करने की व्यवस्था तथा उसमें बहने वाले जल को उपचारित करने की व्यवस्था की जा रही है। उन्होंने कहा कि कभी छोटी नदी रही गोड़धोइया नाला एक गंदा नाला बन चुका था। आज इसका पुनरूद्धार कर इसे अत्याधुनिक मॉडल के रूप में खड़ा किया जा रहा है। अब गोड़धोइया नाले में कोई सीवर और कोई गंदा नाला नहीं गिर रहा है, इसमें केवल शुद्ध पानी प्रवाहित होगा। गोड़धोइया नाले के पुनरूद्धार का निर्माण कार्य को लगभग 15 जून तक पूर्ण करने का प्रयास है।
इस अवसर पर सांसद रविकिशन शुक्ल, महापौर डॉ. मंगलेश श्रीवास्तव ने भी अपने विचार व्यक्त किए। मुख्यमंत्री के निरीक्षण के दौरान भाजपा के प्रदेश उपाध्यक्ष एवं एमएलसी डॉ. धर्मेंद्र सिंह, विधायक फतेह बहादुर सिंह, विपिन सिंह, महेंद्रपाल सिंह, प्रदीप शुक्ल, सरवन निषाद, भाजपा के महानगर संयोजक राजेश गुप्ता, जिलाध्यक्ष जनार्दन तिवारी, क्षेत्रीय पार्षद आदि प्रमुख रूप से उपस्थित रहे।
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