माैसम की सटीक और समय से जानकारी मिलने से जन व धन हानि बचाना हुआ संभव: मुख्यमंत्री याेगी
- DSS Admin
- Jun 08, 2026

मुख्यमंत्री और केंद्रीय मंत्री डॉ जितेंद्र सिंह ने लखनऊ में क्षेत्रीय मौसम केंद्र का किया शुभारंभ
पिछले 12 सालों में मौसम विभाग के 136 से अधिक स्थापित हुए रडार: केंद्रीय मंत्री जितेंद्र सिंह
लखनऊ, 08 जून (हि.स.)। उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि मौसम को सटीक व विश्वसनीय जानकारी मिलने से न केवल जन धन हानि को बचाया जा सकता है बल्कि कृषि उत्पादन भी बढ़ाया जा सकता है। उन्होंने कहा कि वर्तमान में मौसम विभाग सटीक और विश्वसनीय जानकारी दे रहा है और इससे आम लोगों को लाभ भी हो रहा है। उप्र सरकार इसे सेटेलाइन के माध्यम और बेहतर बनाने के लिए हरसंभव मदद करने के लिए तैयार है।
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ सोमवार को राजधानी लखनऊ के इन्दिरा गांधी प्रतिष्ठान के सभागार में मौसम विज्ञान के लखनऊ केन्द्र को क्षेत्रीय मौसम विज्ञान केन्द्र में परिवर्तित करने के उपलक्ष्य में आयोजित एक कार्यक्रम को संबोधित कर रहे थे। उन्होंने रिमोट से शुभारंभ किया। इस मौके केंद्रीय विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी पृथ्वी विज्ञान राज्यमंत्री (स्वतंत्र प्रभार) डॉ जितेंद्र सिंह व मौसम विभाग के महानिदेशक समेत कई वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे।
मुख्यमंत्री योगी ने प्राचीन काल में मौसम और जलवायु की गणना और अनुमान का जिक्र करते हुए कहा कि भारतीय ऋषि और मनीषी पंचाग से सही गणना करते थे। कई लोक कहावतों और पंरपराओं से भी मौसम के बारे में सही सही जानकारी मिलती थी लेकिन अब तकनीकी युग में हमें और बेहतर जानकारियों की जरूरत होती है और पिछले 12 सालों में प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में देश ने हर क्षेत्र में अभूतपूर्व प्रगति की है। अगर आजादी के बाद से ही यह काम हुआ होता तो आज किसानों को खेती में अच्छी पैदावार मिलती और प्राकृतिक आपदों में जन धन की हानि भी कम होती।
मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश सरकार ने जिले से लेकर ब्लाक स्तर तक वर्षा का आकलन करने के लिए उपकरण लगाए हैं ताकि फसलों को होने वाले नुकसान का आकलन किसानों की मदद की जा सके। उन्होंने कहा कि प्रशंसा करते हुए कहा कि इस समय मौसम विभाग बहुत तेजी से सटीक और विश्वसनीय आंकडे दे रहा है। उन्होंने हाल ही में शाकुंभरी देवी मंदिर परिसर में आयी बाढ़ का जिक्र करते हुए कहा कि घटना से पहले मौसम विभाग का अलर्ट आने पर सभी को सुरक्षित बचा लिया गया जबकि दो महिलाएं मना करने के बावजूद जल की ओर गयीं और उनकी मौत हो गयी।
उन्होंने कहा कि पहले प्रदेश में सोनभ्रद, मीरजापुर जैसे इलाकों में आकाशीय बिजली गिरने से 100 से लेकर 150 लोगों की मौतें होती थी लेकिन अब यह संख्या दर्जनभर से कम हो गयी है और यह घटनाएं भी स्थानीय स्तर पर इसलिए होती हैं कि कई बार जानकारी होने के बावजूद व्यक्ति सावधानी नहीं बरतता है। मना करने के बावजूद खुले में रहना और जानवरों की व्यवस्था करने निकल जाने से यह नुकसान हाेता हे। उन्होंने कहा कि सरकार लगातार एनडीआरएफ, एसडीआरएफ और मौसम विभाग के संयुक्त रूप से विचार विमर्श करके काम कर रही है। अगर ऐसी सेटेलाइट की व्यवस्था हो जो सिर्फ उत्तर प्रदेश के मौसम की बिल्कुल सटीक जानकारी दे तो नुकसान को और कम किया जा सकता है और इसके लिए प्रदेश सरकार मौसम विभाग के साथ हर प्रकार से सहयोग करने के लिए तैयार है।
समारोह के विशिष्ट अतिथि केंद्रीय राज्यमंत्री स्वतंत्र प्रभार डॉ जितेंद्र सिंह ने कहा कि पहले उत्तर प्रदेश और उत्तराखंड के मौसम विभाग का क्षेत्रीय कार्यालय दिल्ली था, लेकिन आज से लखनऊ में क्षेत्रीय कार्यालय के रूप में शुरु हो गया है। यह कार्यालय उत्तर प्रदेश ओर उत्तरखंड का काम देखेगा। उन्होंने बताया कि पिछले 12 सालों में मौसम विभाग ने इतने रडार और उपकरणों की स्थापना की है, जितने पिछले 65 सालों में स्थापित नहीं हुए। उन्होंने कहा कि वर्ष 2014 से पहले सिर्फ 14 रडार थे लेकिन अब इनकी संख्या 150 से अधिक हो गयी हे। आने वाले दो सालों में इनकी संख्या 200 हो जाएगी। केंद्रीय राज्यमंत्री योगी आदित्यनाथ और सरकार से मिल रहे सहयोग के लिए धन्यवाद ज्ञापित किया। उन्हाेंने कहा कि आने वाले दिनों में मौसम विभाग उत्तर प्रदेश में अधिक तेजी से काम करेगा।
इससे पहले माैसम विभाग की ओर से मुख्यमंत्री याेगी और केंद्रीय राज्यमंत्री सिंह काे अंगवस्त्रम व पाैधा भेंट कर सम्मानित किया गया।
उप्र व उत्तराखंड के मौसम को देखेगा लखनऊ केंद्र
मौसम केंद्र लखनऊ को क्षेत्रीय मौसम विज्ञान केंद्र (आरएमसी) के रूप में उन्नत हाेने से कई काम आसानी हाे सकेंगे। इसके साथ ही लखनऊ केंद्र को उत्तर प्रदेश और उत्तराखंड का अधिकार क्षेत्र प्राप्त होगा। आरएमसी का दर्जा मिलने से उत्तर प्रदेश और उत्तराखंड में मौसम की निगरानी, सटीक पूर्वानुमान और समयबद्ध पूर्व चेतावनी सेवाओं को और मजबूती मिलेगी। इससे भारी बारिश, आंधी, बिजली गिरने और अन्य मौसम संबंधी घटनाओं के प्रति बेहतर तैयारी संभव हो सकेगी।
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