लड़कियों को बहला-फुसलाकर विवाह के लिए राजस्थान में बेचने वाले गिरोह के तीन लोग पकड़े गए
- DSS Admin
- Jun 04, 2026
लखनऊ, 04 जून (हि.स.)। मोहनलालगंज थाना की पुलिस ने ऐसे गिरोह का भंडाफोड़ किया है जो नाबालिग लड़कियों को बहला फुसलाकर विवाह के लिए राजस्थान में बेच देते हैं। गिरोह में शामिल तीन अभियुक्त एवं एक बाल अपचारी पकड़े गये हैं।
थाना प्रभारी दिलेश सिंह ने गुरुवार काे बताया कि गनियार ग्राम निवासी मुरली की पत्नी कमलेशा ने पुलिस को सूचना दी कि उनकी नाबालिग नातिन (16) जो 12 वर्ष से उनके पास रह रही थीं, को उनके रिश्तेदार अपचारी ने अपने साथी रायबरेली के भदोखर राही निवासी प्रिया पटेल के साथ बहला-फुसलाकर अज्ञात स्थान पर ले गया है। प्रकरण की गंभीरता को देखते हुए बच्चों की शीघ्र बरामदगी के लिए तत्काल पुलिस उपायुक्त दक्षिणी ने पुलिस की चार टीमें लगाई गई। पुलिस ने 18 मई को बालिका को बरामद कर लिया।
बालिका ने अपने बयान में बताया कि अभियुक्त अनुराग यादव, प्रिया पटेल, एक बाल अपचारी ने दोस्ती कर उनकी शादी के लिए बेंचने की नीयत से राजस्थान (कोटा) ले जाया गया था। पुलिस ने अनुराग यादव, मोहम्मद अख्तर, प्रिया पटेल और एक बाल अपचारी को अतरौली क्रॉसिग के पास से गिरफ्तार कर लिया।
पूछताछ में प्रिया पटेल ने बताया कि उसकी मुलाकात सोनम (निवासी कोटा, राजस्थान) से वर्ष 2020 में उसकी एक रिश्तेदार के यहां रायबरेली में आयोजित एक शादी समारोह में हुई थी। उसी दौरान सोनम ने उसे बताया था कि गरीब एवं सुंदर लड़कियों की राजस्थान में शादी कराकर अच्छा पैसा कमाया जा सकता है और यदि वह ऐसी लड़कियां उपलब्ध कराएगी तो उसे भी अच्छा पैसा मिलेगा। इसके बाद प्रिया पटेल उर्फ शीला अपने पुरुष मित्र अनुराग यादव के साथ पिछले लगभग 02 वर्षों से रायबरेली में किराये के मकान में लिव-इन रिलेशनशिप में रह रही है। प्रिया अपने साथी मो0 अख्तर एवं अनुराग यादव के साथ मिलकर ऐसी बालिकाओं की तलाश करती है, जिनके माता-पिता न हों अथवा जो आर्थिक रूप से कमजोर हों, ताकि वे इनके विरुद्ध थाने पर जाकर शिकायत दर्ज न करा सकें। प्रिया एवं अनुराग इस पूरे गिरोह में मुख्य भूमिका निभाते हैं। ये लोग ऐसी लड़कियों को ढूंढकर उन्हें घुमाने-फिराने एवं नए कपड़े दिलाने का लालच देकर बहला-फुसलाकर अपने साथ ले जाते हैं। इसके उपरांत राजस्थान के जनपद कोटा स्थित बम्बौरी नामक स्थान पर, जहां सोनम एवं उसके पति भूपेन्द्र चौधरी बालिकाओं की पैसे लेकर शादी कराते हैं। वहां भेजने से पहले प्रिया, अनुराग एवं उनके सहयोगी बालिकाओं की तस्वीरें व्हाट्सएप के माध्यम से सोनम को भेजते हैं। तस्वीर देखने के पश्चात सोनम से पैसों की बात तय होती है। प्रिया उर्फ शीला ने पूछताछ में बताया कि एक लड़की की शादी कराने पर उसे सोनम एवं उसके पति भूपेन्द्र चौधरी ने एक से डेढ़ लाख रुपये दिए जाते हैं।
थाना मोहनलालगंज की वर्तमान घटना में प्रिया पटेल ने रायबरेली में अपने मोहल्ले में रहने वाली बाल अपचारी से मुलाकात की। उक्त बाल अपचारी की माैसी मोहनलालगंज में पीड़िताओं के पडोस में रहती है, जो आपस में रिश्तेदार है। प्रिया उर्फ शीला ने उसी बाल अपचारी की सहायता से पीड़िताओं को यह कहकर बहला-फुसलाया कि चलो तुम्हें तुम्हारी मां से मिला दें, जो कई वर्षों से कहीं चली गई है। उनकी बातों में आकर दोनों नाबालिग पीड़िताएं इनके साथ चली गईं। अभियुक्तगण दोनों बालिकाओं को पहले रायबरेली ले गए, जहां प्रिया उन्हें अपने कमरे पर ले गई और उन्हें अच्छे कपड़े पहनाए गए। तत्पश्चात उनकी फोटो राजस्थान स्थित अपनी सहयोगी सोनम एवं उसके पति को व्हाट्सएप के माध्यम से भेजी गई, जहां से उन्हें निर्देश मिला कि बालिकाओं को लेकर आओ, उनकी शादी कराने पर अच्छा पैसा मिल जाएगा। अभियुक्तगणों ने इससे पूर्व भी रायबरेली की दो बहनों को शादी के लिए सोनम एवं उसके पति भूपेन्द्र चौधरी को बेच चुके हैं।
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