जंगल में मिली मासूम की लाश बनी पहेली, 24 घंटे बाद भी नहीं हुई शिनाख्त

हत्या की गुत्थी सुलझाने में जुटीं पांच टीमें, कई जिलों में खंगाले जा रहे गुमशुदगी के रिकॉर्ड

मीरजापुर, 03 जून (हि.स.)। मड़िहान थाना क्षेत्र के देवरी कला गांव स्थित कुनबियामार जंगल में मिली 10 वर्षीय बालिका की हत्या का रहस्य 24 घंटे बाद भी बरकरार है। शव की पहचान न हो पाने से पुलिस की जांच फिलहाल शुरुआती बिंदु पर अटकी हुई है।

मंगलवार को जंगल में सड़क किनारे मिले बालिका के शव की पहचान कराने के लिए पुलिस लगातार प्रयास कर रही है, लेकिन अब तक कोई सफलता नहीं मिली है। पुलिस अधीक्षक के निर्देश पर गठित पांच टीमें मामले के खुलासे में जुटी हैं। टीमें मीरजापुर के साथ-साथ आसपास के जनपदों के थानों से संपर्क कर हाल के दिनों में दर्ज बालिकाओं की गुमशुदगी की रिपोर्टों का मिलान कर रही हैं।

जांच के दौरान पुलिस की एक टीम सोनभद्र जनपद और मध्य प्रदेश सीमा से सटे गांवों में पहुंचकर बालिका की तस्वीर के आधार पर पहचान कराने का प्रयास कर रही है। वहीं दूसरी ओर खनन क्षेत्रों में काम करने वाले श्रमिकों तथा आसपास की मलिन बस्तियों में रहने वाले लोगों से भी पूछताछ की जा रही है।

पुलिस सोशल मीडिया का भी सहारा ले रही है। विभिन्न सोशल मीडिया समूहों में बालिका की तस्वीर साझा कर उसकी पहचान कराने का प्रयास किया जा रहा है, ताकि जांच को कोई ठोस दिशा मिल सके।

उधर, पुलिस घटनास्थल के आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज भी खंगाल रही है। प्रमुख मार्गों, पेट्रोल पंपों और व्यावसायिक प्रतिष्ठानों के कैमरों की रिकॉर्डिंग की जांच की जा रही है, जिससे यह पता लगाया जा सके कि बालिका को वहां तक कौन और कैसे लेकर पहुंचा।

पुलिस को अब पोस्टमार्टम रिपोर्ट का भी इंतजार है। अधिकारियों का मानना है कि रिपोर्ट आने के बाद मौत के कारण, समय और अन्य महत्वपूर्ण तथ्यों की जानकारी मिल सकेगी, जिससे जांच को गति मिलेगी।

पुलिस अधीक्षक अपर्णा रजत कौशिक का कहना है कि बालिका की पहचान और पोस्टमार्टम रिपोर्ट दोनों इस मामले के खुलासे की कुंजी हैं। सभी संभावित पहलुओं पर गंभीरता से जांच की जा रही है और जल्द ही घटना का पर्दाफाश हाेने की उम्मीद है।

   

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