महोबा में प्रधानाध्यापिका ने बीएसए पर लगाए संगीन आरोप, एसपी से की एफआईआर दर्ज करने की मांग
- DSS Admin
- May 10, 2026
महोबा, 10 मई (हि.स.)। उत्तर प्रदेश के महोबा जिले में शिक्षा विभाग से जुड़ा सनसनीखेज मामला सामने आया है। राज्य अध्यापक पुरस्कार से सम्मानित प्रधानाध्यापिका ने बेसिक शिक्षा अधिकारी (बीएसए) पर यौन उत्पीड़न की मंशा रखने और मानसिक प्रताड़ना के गंभीर आरोप लगाए हैं। प्रधानाध्यापिका ने एसपी को शिकायती पत्र देकर बीएसए समेत दो शिक्षकों के खिलाफ मुकदमा दर्ज करने की मांग की है। जिला प्रशासन ने मामले की जांच के लिए तीन सदस्यीय समिति गठित की है।
रविवार को जनपद मुख्यालय निवासी एक प्राथमिक विद्यालय की प्रधानाध्यापिका ने बताया कि वह मुख्यमंत्री द्वारा राज्य अध्यापक पुरस्कार से सम्मानित हैं। 01 फरवरी 2025 को स्कूल की बाउंड्री वॉल की समस्या बताने बीएसए कार्यालय गई थीं। जहां बीएसए राहुल मिश्रा उन्हें घूरकर बुरी नजर से देखने लगे और शाम को आवास पर बुलाया। बुरी मंशा भांपकर वह आपस पर नहीं गई। इसके साथ ही प्रधानाध्यापिका ने स्कूल के सहायक अध्यापक और सहायक अध्यापिका पर भी दबाव बनाने का आरोप लगाया है।
प्रधानाध्यापिका ने बताया कि 27 फरवरी 2026 को वह अपने पिता के साथ जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी कार्यालय (बीएसए) गईं। वहां बीएसए ने उनके पिता को बेइज्जत कर बाहर निकाल दिया। आरोप है कि इसके बाद बीएसए ने उनसे कहा कि अमर्यादित बातें कीं और आपत्तिजनक हरकत की कोशिश की।प्रधानाध्यापिका ने आरोप लगाते हुए कहा कि बीएसए की बात न मानने पर उन्हें झूठी जांचों में फंसाया गया और जनवरी 2026 को बिना समुचित साक्ष्य के उन्हें निलंबित कर दिया गया। वह 17 साल से शिक्षण कार्य कर रही हैं। प्रधानाध्यापिका ने एसपी शशांक सिंह से बीएसए राहुल मिश्रा और दो सहायक अध्यापकों के खिलाफ मुकदमा दर्ज करने की मांग की है।
वहीं इस मामले को लेकर बीएसए राहुल मिश्रा ने कहा कि आरोप निराधार हैं, मामले की जांच हो जो दोषी पाया जाए उस पर कार्रवाई हो। सीडीओ बलराम कुमार ने बताया कि मामले की जांच के लिए तीन सदस्यीय टीम गठित की गई है। जांच रिपोर्ट के आधार पर कार्रवाई की जाएगी।
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