बेतवा नदी पर निर्माणाधीन पुल हादसा

--लखनऊ की टीम ने शुरू की जांच, गुणवत्ता पर उठे गंभीर सवाल

--एकत्र किए गए नमूनों को गुणवत्ता परीक्षण के लिए आईआईटी बीएचयू भेजा

हमीरपुर, 01 जून (हि.स.)। उत्तर प्रदेश के हमीरपुर जिले में कुरारा थानाक्षेत्र के अंतर्गत कंडौर व मोराकांदर गांव के बीच बेतवा नदी पर निर्माणाधीन पुल की कोठी ढहने के मामले में जांच ने गति पकड़ ली है। इस हृदयविदारक हादसे में 6 लोगों की मौत हो गई थी, जबकि तीन अन्य गंभीर रूप से घायल हो गए थे। पुल निर्माण के दौरान हुई इस बड़ी चूक ने प्रशासन और निर्माण एजेंसी की कार्यप्रणाली पर गंभीर प्रश्नचिह्न खड़ा कर दिया है।

मामले की गंभीरता को देखते हुए सोमवार को लखनऊ से आई तीन सदस्यीय उच्च स्तरीय तकनीकी टीम ने घटनास्थल का दौरा किया। टीम में शामिल यूपी राज्य सेतु निगम के ज्वाइंट एमडी मिथलेश कुमार, डिजाइन के मुख्य परियोजना प्रबंधक फरहान वासिद और सेतु निगम के जीएम प्रेम सिंह ने करीब 4:30 घंटे तक बारीकी से निरीक्षण किया और निर्माण स्थल से कंक्रीट तथा सरिया के नमूने एकत्र किए। जांच के दौरान टीम ने पिलर में इस्तेमाल किए गए कंक्रीट की गुणवत्ता को परखा और अन्य तकनीकी बिंदुओं पर देर शाम तक साक्ष्य जुटाती रही। अधिकारियों ने स्पष्ट किया है कि एकत्र किए गए नमूनों को गुणवत्ता परीक्षण के लिए आईआईटी बीएचयू भेजा जाएगा, ताकि निर्माण सामग्री की असलियत सामने आ सके। जिसकी रिपोर्ट एक सप्ताह बाद आएगी।

वहीं स्थानीय कंडौर, मोराकांदर व परसनी गांव के ग्रामीणों में भारी आक्रोश है। ग्रामीणों का स्पष्ट आरोप है कि पुल निर्माण में मानकों को ताक पर रखकर घटिया सामग्री का उपयोग किया गया है। लोगों का कहना है कि बिना किसी पूर्व गुणवत्ता जांच के निर्माण कार्य को अंजाम दिया गया, जिसका परिणाम इस भीषण हादसे के रूप में सामने आया। बहरहाल, ग्रामीणों की मांग है कि दोषियों के खिलाफ कड़ी कानूनी कार्रवाई की जाए। अब सभी की निगाहें आईआईटी बीएचयू से आने वाली जांच रिपोर्ट पर टिकी है।

---------------

   

सम्बंधित खबर