पशु चिकित्सकों की जिम्मेदारी सबसे चुनौतीपूर्ण, वैज्ञानिक तैयारी जरूरी: मंत्री चंद्र कुमार
- DSS Admin
- Jul 05, 2026
शिमला, 05 जुलाई (हि.स.)। कृषि एवं पशुपालन मंत्री प्रोफेसर चंद्र कुमार ने कहा है कि पशु चिकित्सकों की जिम्मेदारी अन्य चिकित्सकों की तुलना में अधिक चुनौतीपूर्ण होती है। उन्होंने कहा कि मनुष्य अपनी पीड़ा स्वयं बता सकता है, जबकि पशु ऐसा नहीं कर सकते। ऐसे में उनकी बीमारी को समझना और सही उपचार देना पशु चिकित्सकों की संवेदनशीलता, अनुभव और दक्षता पर निर्भर करता है। उन्होंने पशु चिकित्सकों से भविष्य की जरूरतों को ध्यान में रखते हुए वैज्ञानिक और व्यावहारिक कार्ययोजना तैयार करने का आह्वान किया।
प्रो. चंद्र कुमार रविवार को कुफरी में आयोजित हिमाचल प्रदेश वेटरनरी ऑफिसर्स एसोसिएशन के जनरल हाउस और सेमिनार को संबोधित कर रहे थे। उन्होंने कहा कि प्रदेश सरकार कृषि और पशुपालन को एक साथ जोड़कर किसानों और पशुपालकों की आय बढ़ाने की दिशा में काम कर रही है। उन्होंने कहा कि भारत दुग्ध उत्पादन में दुनिया में अग्रणी है और महिला स्वयं सहायता समूह इस क्षेत्र में महत्वपूर्ण योगदान दे रहे हैं।
उन्होंने कहा कि कांगड़ा जिले के ढगवार में बन रहा दुग्ध प्रसंस्करण संयंत्र इस वर्ष अक्टूबर तक शुरू होने की उम्मीद है। इस संयंत्र का संचालन राष्ट्रीय डेयरी विकास बोर्ड (एनडीडीबी) करेगा। उनके अनुसार संयंत्र शुरू होने से प्रदेश के दुग्ध क्षेत्र को बढ़ावा मिलेगा और रोजगार के नए अवसर भी पैदा होंगे।
कृषि एवं पशुपालन मंत्री ने कहा कि बदलते मौसम के साथ पशुओं में फैलने वाली बीमारियों को देखते हुए दवाइयों और टीकों की समय पर उपलब्धता सुनिश्चित करना जरूरी है। उन्होंने कहा कि प्रदेश में निराश्रित पशुओं की समस्या मुख्य रूप से गाय और बैलों से जुड़ी है। इस चुनौती के समाधान के लिए पशु चिकित्सा विश्वविद्यालयों और नए पशु चिकित्सकों को शोध और व्यवहारिक प्रयास करने चाहिए। उन्होंने बताया कि पशुधन गणना के जरिए प्रदेश में कुल पशुधन और निराश्रित पशुओं की वास्तविक संख्या का आकलन किया जा रहा है, जिसके आधार पर आगे की रणनीति तैयार की जाएगी।
उन्होंने कहा कि सरकार युवाओं को पशुपालन से जोड़ने के लिए लगातार काम कर रही है। प्राकृतिक खेती के तहत उत्पादित गेहूं, मक्की और हल्दी पर न्यूनतम समर्थन मूल्य दिया जा रहा है। इसके साथ ही पंजाब और हरियाणा की हैचरियों के सहयोग से प्रदेश में पोल्ट्री और मत्स्य पालन को भी बढ़ावा देने की योजना है।
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