वंदे गंगा जल संरक्षण जन अभियान 2026’ को लेकर बीकानेर में तैयारियां तेज, 25 मई से होंगे व्यापक कार्यक्रम
- DSS Admin
- May 18, 2026
बीकानेर, 18 मई (हि.स.)। राज्य सरकार की ओर से आगामी 25 मई से शुरू किए जाने वाले “वंदे गंगा जल संरक्षण जन अभियान 2026” के सफल आयोजन को लेकर सोमवार को जिला कलेक्टर निशांत जैन की अध्यक्षता में कलेक्ट्रेट सभागार में समीक्षा बैठक आयोजित की गई। बैठक में संबंधित विभागों के अधिकारियों को अभियान को व्यापक स्तर पर सफल बनाने और जिले भर में प्रभावी ढंग से संचालित करने के निर्देश दिए गए।
जिला कलेक्टर निशांत जैन ने अभियान में स्कूल, कॉलेज, स्काउट-गाइड, अर्धसैनिक बल, पुलिस, ग्रामीण एवं शहरी क्षेत्रों के नागरिकों सहित सभी वर्गों की सक्रिय भागीदारी सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। उन्होंने अभियान के दौरान आयोजित गतिविधियों को मोबाइल एप के माध्यम से रिकॉर्ड कर पोर्टल पर अपलोड करने के लिए भी कहा।
बैठक में जल ग्रहण विकास विभाग के एसई महेश कुमार अजाड़ीवाल ने अभियान की विस्तृत जानकारी देते हुए बताया कि यह अभियान 25 मई से शुरू होकर 5 जून 2026, विश्व पर्यावरण दिवस तक संचालित किया जाएगा। इसके तहत जल संरक्षण, वर्षा जल संचयन और पर्यावरण संरक्षण से जुड़ी विभिन्न गतिविधियों के माध्यम से आमजन को जागरूक किया जाएगा।
उन्होंने बताया कि अभियान में लगभग 23 विभागों की सहभागिता रहेगी। विभिन्न विभागों द्वारा जल एवं पर्यावरण संरक्षण के क्षेत्र में किए जा रहे कार्यों को जन-जन तक पहुंचाने और प्राकृतिक संसाधनों के समुचित उपयोग के प्रति जागरूकता बढ़ाने के उद्देश्य से व्यापक कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे। उपखंड स्तर पर संबंधित उपखंड अधिकारी अभियान के नोडल अधिकारी होंगे।
अभियान के दौरान जल संरक्षण विषयक विचार संगोष्ठियां, प्रदर्शनियां, पीपल पूजन एवं पौधरोपण, जल स्रोतों एवं नालों की सफाई, गाद निकालना, चारागाहों का चिन्हीकरण, जल रिचार्ज तकनीकों का प्रचार-प्रसार, सड़क किनारे एवं ओरण क्षेत्रों में वृक्षारोपण, सोख्ता गड्ढों का निर्माण, “जल सेवा” अभियान, प्रभात फेरी, “नो प्लास्टिक डे”, बीज बैंक गतिविधियां, घास बुवाई, किसान चौपाल, लघु सिंचाई योजनाओं का प्रचार-प्रसार, पौध वितरण, तालाबों की सफाई तथा “जल गौरव सम्मान” जैसे कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे।
अभियान में गैर सरकारी संस्थाओं, धर्मगुरुओं, व्यापारियों, पर्यावरणविदों, प्रोफेशनल्स, जनप्रतिनिधियों और शैक्षणिक संस्थानों को भी जोड़ा जाएगा। साथ ही विभिन्न स्तरों पर विचार संगोष्ठियों के माध्यम से सीएसआर सहयोग की संभावनाओं पर भी विचार किया जाएगा।
उल्लेखनीय है कि इस अभियान के अंतर्गत जल शक्ति अभियान, मुख्यमंत्री जल स्वावलंबन अभियान, स्वच्छ भारत मिशन, “हरियालो राजस्थान”, “एक पेड़ मां के नाम” और “कर्म भूमि से मातृभूमि” जैसे कार्यक्रमों को भी शामिल किया जाएगा।
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