वैदिक उपासना और योग ही मोक्ष का मार्ग-स्वामी राम स्वरूप जी
- DSS Admin
- May 17, 2026

कठुआ, 17 मई । वेद मंदिर योल में चल रहे 78 दिवसीय चारों वेदों के यज्ञानुष्ठान के 36वें दिन प्रसिद्ध वैदिक विद्वान एवं योगाचार्य स्वामी राम स्वरूप ने ऋग्वेद मंडल 10, सूक्त 33 के मंत्रों पर प्रवचन देते हुए वैदिक उपासना और योग को मोक्ष प्राप्ति का प्रमुख मार्ग बताया।
स्वामी जी ने कहा कि मनुष्य को ईश्वर की स्तुति, उपासना और प्रार्थना करनी चाहिए, क्योंकि विद्वानों से प्राप्त वैदिक ज्ञान ही उसे आत्मिक जागृति और ईश्वर के साक्षात्कार की ओर ले जाता है। उन्होंने कहा कि वैदिक ज्ञान के अभाव में मनुष्य रोग, भय और मृत्यु के दुखों में उलझा रहता है।
उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि सच्चे गुरु और वैदिक शिक्षाओं के बिना न तो ईश्वर का सही ज्ञान प्राप्त हो सकता है और न ही स्थायी सुख। योगाचार्य ने बताया कि आत्मा जन्म से पहले और जीवनभर विभिन्न प्रकार के कष्टों का अनुभव करती है, जिससे मुक्ति केवल आध्यात्मिक साधना से ही संभव है। प्रवचन के सार में स्वामी राम स्वरूप ने कहा कि विद्वानों से वैदिक ज्ञान प्राप्त कर, प्रार्थना, ध्यान और योग के अभ्यास से ही मनुष्य जन्म-मरण के चक्र से मुक्त होकर मोक्ष और शाश्वत आनंद प्राप्त कर सकता है।
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