प्रधानमंत्री मोदी के योग दिवस कार्यक्रम से इतिहास रचेगा बंगाल, उत्साह चरम पर: भाजपा नेता

कोलकाता, 20 जून (हि.स.)। पश्चिम बंगाल में आगामी 21 जून को आयोजित होने वाले 12वें अंतरराष्ट्रीय योग दिवस के राष्ट्रीय समारोह की तैयारियां अंतिम चरण में पहुंच गई हैं। इस अवसर पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के कोलकाता आगमन को लेकर भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) नेताओं ने इसे राज्य के लिए ऐतिहासिक क्षण बताया है। उनका कहना है कि प्रधानमंत्री माेदी की मौजूदगी से योग दिवस का आयोजन अभूतपूर्व रूप लेगा और बंगाल एक ऐतिहासिक घटना का साक्षी बनेगा।

राज्य के खेल मंत्री इंद्रनील खान ने कहा कि पश्चिम बंगाल उत्सुकता के साथ प्रधानमंत्री के आगमन की प्रतीक्षा कर रहा है। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में योग आज जनआंदोलन का रूप ले चुका है और राज्यभर में हजारों लोग योग, ध्यान और स्वास्थ्य संबंधी गतिविधियों में भाग ले रहे हैं।

खेल मंत्री ने कहा, “पश्चिम बंगाल इतिहास का साक्षी बनने जा रहा है क्योंकि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी कोलकाता आ रहे हैं और हमारे साथ योग दिवस मनाएंगे। लंबे समय तक राज्य में योग दिवस को उस स्तर पर नहीं मनाया गया, जैसा होना चाहिए था। आज बड़ी संख्या में लोग योग और ध्यान से जुड़ रहे हैं। स्वामी विवेकानंद की भूमि बंगाल का योग और आध्यात्मिक परंपरा से गहरा संबंध रहा है।”

केंद्रीय आयुष राज्य मंत्री प्रतापराव जाधव ने भी आयोजन के महत्व पर जोर देते हुए कहा कि प्रधानमंत्री की उपस्थिति कार्यक्रम को और विशेष बनाएगी। उन्होंने कहा कि 21 जून को रेड रोड पर आयोजित राष्ट्रीय समारोह में प्रधानमंत्री स्वयं लोगों के साथ योगाभ्यास करेंगे, जो कोलकाता और पूरे राज्य के लिए गौरव की बात है।

केंद्रीय मंत्री ने कहा कि पूर्ववर्ती सरकारों ने योग को पर्याप्त महत्व नहीं दिया, जबकि आज योग एक वैश्विक आंदोलन बन चुका है और भारत इसके नेतृत्व की भूमिका निभा रहा है। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री मोदी के प्रयासों से योग को विश्वव्यापी पहचान मिली है।

राज्य के उद्योग मंत्री तापस राय ने कहा कि योग भारत की प्राचीन धरोहर है और प्रधानमंत्री ने इसे देश तथा दुनिया में नई पहचान दिलाने का कार्य किया है। उन्होंने कहा कि लोगों को शारीरिक रूप से सक्रिय और मानसिक रूप से संतुलित रखने में योग की महत्वपूर्ण भूमिका है।

इस बीच, योग दिवस के पूर्व आयोजित कार्यक्रमों के तहत शुक्रवार को कोलकाता में “दौड़ से ध्यान” मैराथन का आयोजन किया गया। मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी ने कोलकाता नगर निगम मुख्यालय से इस मैराथन को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया। कार्यक्रम राइटर्स बिल्डिंग तक आयोजित किया गया, जिसमें इंद्रनील खान, अग्निमित्रा पॉल, तापस राय, विधायक विजय ओझा, मुख्य सचिव मनोज अग्रवाल सहित कई वरिष्ठ अधिकारी और गणमान्य व्यक्ति शामिल हुए।

21 जून को कोलकाता के ऐतिहासिक रेड रोड पर आयोजित राष्ट्रीय समारोह में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी कॉमन योग प्रोटोकॉल के तहत योगाभ्यास का नेतृत्व करेंगे। कार्यक्रम से पहले नवान्न सभागार में आयोजित एक विशेष संवाददाता सम्मेलन में मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी और केंद्रीय मंत्री प्रतापराव जाधव ने भाग लिया।

इस अवसर पर अंतरराष्ट्रीय योग दिवस 2026 को समर्पित 12 विशेष डाक आवरण भी जारी किए गए। कार्यक्रम में पश्चिम बंगाल परिमंडल के मुख्य डाक महाध्यक्ष अशोक कुमार भी उपस्थित रहे।

मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी ने कहा कि राष्ट्रीय स्तर के योग दिवस समारोह की मेजबानी करना पश्चिम बंगाल के लिए गर्व की बात है। उन्होंने कहा कि कोलकाता की समृद्ध सांस्कृतिक, बौद्धिक और आध्यात्मिक विरासत इसे ऐसे आयोजन के लिए उपयुक्त स्थल बनाती है।

योग दिवस से पहले पूरे राज्य में विभिन्न कार्यक्रम आयोजित किए जा रहे हैं। इनमें स्वास्थ्य के लिए साइकिल अभियान, विद्यालयों और सरकारी कार्यालयों में योग सत्र, मानसिक स्वास्थ्य जागरूकता कार्यक्रम, महिला स्वास्थ्य पहल, वरिष्ठ नागरिकों के लिए विशेष योग शिविर, कॉरपोरेट योग कार्यक्रम तथा पुलिस, अग्निशमन और स्वास्थ्यकर्मियों के लिए विशेष सत्र शामिल हैं।

20 जून को हुगली नदी तट पर “वंदे योगम” और पश्चिम बंगाल दिवस कार्यक्रम भी आयोजित किए जा रहे हैं। इन आयोजनों में सांस्कृतिक प्रस्तुतियां, कला एवं छायाचित्र प्रतियोगिताएं तथा जनसहभागिता से जुड़े विभिन्न कार्यक्रम शामिल हैं।

योग दिवस समारोह के तहत हुगली नदी में 500 नौकाओं पर सामूहिक योग प्रदर्शन भी किया जाएगा, जो बंगाल की नदी संस्कृति और योग के संबंध को दर्शाएगा। इसके अलावा शहर में योग विषयक विशेष प्रकाश सज्जा, प्रमुख पुलों पर आकर्षक रोशनी और लगभग 3000 ड्रोन के साथ भव्य ड्रोन शो का आयोजन किया जाएगा, जिसमें भारत की योग यात्रा और प्रसिद्ध योग गुरुओं को प्रदर्शित किया जाएगा।

21 जून को सुबह 5 बजे रेड रोड पर राष्ट्रीय समारोह का शुभारंभ होगा। कार्यक्रम में हजारों लोगों के प्रत्यक्ष रूप से शामिल होने की उम्मीद है, जबकि देश और दुनिया भर से लाखों लोग आभासी माध्यम से इससे जुड़ेंगे। आयोजकों का मानना है कि यह आयोजन स्वास्थ्य, सामंजस्य और समग्र कल्याण के वैश्विक संदेश को और मजबूत करेगा।-------------------

   

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