ईश्वर उपासना ही जीवन का आधार, वेदों का करें आदर-स्वामी राम स्वरूप जी

Worship of God is the basis of life, respect the Vedas - Swami Ram Swaroop Ji


कठुआ, 15 मई । वेद मन्दिर योल में चल रहे 78 दिवसीय चारों वेदों के यज्ञानुष्ठान के 34वें दिन स्वामी राम स्वरूप, योगाचार्य ने जिज्ञासुओं को ऋग्वेद के विभिन्न मंत्रों के माध्यम से आध्यात्मिक उपदेश दिए।

उन्होंने ऋग्वेद मन्त्र 10/22/3 का उल्लेख करते हुए कहा कि जो श्रद्धालु परमेश्वर की सच्चे मन से उपासना करता है, परमात्मा उसके साथ पिता के समान स्नेहपूर्ण व्यवहार करता है। उन्होंने बताया कि परमेश्वर ही उपासक को यश, धन और अन्न प्रदान करता है तथा समस्त सृष्टि का पालन-पोषण करने वाला सच्चा पिता है।

स्वामी जी ने कहा कि जो व्यक्ति वेदों की निन्दा करता है, उसे शास्त्रों में नास्तिक बताया गया है। उन्होंने मनुस्मृति और महाभारत के उदाहरण देते हुए वेद निन्दा से बचने और ऋषि-मुनियों की वाणी का सम्मान करने की प्रेरणा दी। प्रवचन के दौरान उन्होंने ऋग्वेद मन्त्र 10/48/7 की व्याख्या करते हुए कहा कि परमेश्वर सर्वशक्तिमान है और वह अधर्म व निन्दा करने वालों को दण्डित करता है।

अंत में स्वामी राम स्वरूप ने उपस्थित श्रद्धालुओं से आह्वान किया कि वे वेदों के अनुसार ईश्वर की उपासना करें, विद्वानों का मार्गदर्शन लें और जीवन में सुख, समृद्धि एवं मोक्ष की प्राप्ति कर परिवार सहित आनंदमय जीवन व्यतीत करें।

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