उचित मुआवजा और मृतक के आश्रित को नौकरी देने की मांग
जोधपुर, 20 जून (हि.स.)। जिले के बिलाड़ा थाना क्षेत्र में रहने वाले एक युवक की करंट लगने से मौत हो गई। वह 11 केवी बिजली लाइन पर मेंटेनेंस का काम करने गया था। बिजली बंद किए बिना ही उसे काम पर भेज दिया गया। मामले में शनिवार को मृतक के परिजन और ग्रामीण मथुरादास माथुर हॉस्पिटल की मोर्चरी में इकठा हो गए। उन्होंने लापरवाही बरतने वाली वाली कंपनी व डिस्कॉम अधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई करने, उचित मुआवजा देने और मृतक के आश्रित को नौकरी देने की मांग की।
हादसे में झाक गांव निवासी शेर मोहम्मद पुत्र सदीक मोहम्मद की मौत हुई है। मृतक के पिता सदीक मोहम्मद ने बताया कि उसके बेटे की करीब सात साल पहले शादी की गई थी। वर्तमान में उसकी पत्नी गर्भवती है। शेर मोहम्मद 11 केवी की विद्युत लाइन फीडर पर मीटर लगाने वाली कंपनी जीनस एनर्जिंग लीव्स के तहत सहायक अभियंता कार्यालय बिलाड़ा के अधीन काम करता था। यहां कनिष्ठ अभियंता और सीसीए फीडर मैनेजर के निर्देश पर उसे ट्रांसफार्मर पर चढक़र काम करने को कहा गया। उसे बताया गया कि शटडाउन लेकर विद्युत आपूर्ति बंद कर दी गई है, लेकिन जैसे ही उसने तार छुए उसे करंट आया और वह नीचे गिर गया। गंभीर हालत में पहले उसे बिलाड़ा के ट्रॉमा सेंटर लाया गया, यहां से मथुरादास माथुर अस्पताल रेफर कर दिया गया।
मथुरादास अस्पताल में इलाज के दौरान उसकी मौत हो गई। परिजनों का आरोप है की कंपनी की ओर से सुरक्षा मुहैया नहीं करवाई गई। इतना ही नहीं मृतक का बीमा इंश्योरेंस भी नहीं करवा रखा था। उन्होंने पूरे मामले में कंपनी के खिलाफ कार्रवाई करने, उचित मुआवजा राशि देने और मृतक के आश्रित को एक सरकारी नौकरी देने की मांग की।

