संगरूर में पराली फैक्ट्री में भीषण आग:करोड़ों का नुकसान, आग बुझाने के प्रयास जारी

संगरूर के सुनाम रोड (शेरों रोड) पर स्थित पराली से गिट्टियां (बायोमास ईंधन) बनाने वाली एक फैक्ट्री में बुधवार दोपहर को भीषण आग लग गई। आग इतनी तेजी से फैली कि इसने देखते ही देखते पूरी फैक्ट्री को अपनी चपेट में ले लिया। हादसे के बाद पूरे इलाके में अफरा-तफरी मच गई और आसमान में दूर-दूर तक काले धुएं के घने गुबार छा गए। मिली जानकारी के अनुसार, शेरों रोड पर स्थित 'गोयल इंडस्ट्री' में यह हादसा दोपहर के वक्त हुआ। बताया जा रहा है कि अचानक बिजली के स्पार्क (शॉर्ट सर्किट) के कारण सबसे पहले फैक्ट्री की मशीनरी में आग लगी। चूंकि फैक्ट्री में बायोमास ईंधन बनाने के लिए बड़ी मात्रा में पराली और अन्य ज्वलनशील कच्चा माल रखा हुआ था, इसलिए आग ने तुरंत ही विकराल रूप धारण कर लिया। फैक्ट्री के हिस्सेदार मनी गोयल ने घटना की जानकारी देते हुए बताया कि बुधवार दोपहर अचानक फैक्ट्री से धुआं निकलता दिखाई दिया। वहां मौजूद कर्मचारियों ने तुरंत स्थिति को संभालने और आग पर काबू पाने का प्रयास किया, लेकिन कुछ ही मिनटों में लपटें बेकाबू हो गईं। इसके बाद हमने तुरंत पुलिस और दमकल विभाग को सूचित किया। दमकल की 6 गाड़ियों ने संभाला मोर्चा, पास के शैलर तक पहुंची लपटें घटना की सूचना मिलते ही स्थानीय प्रशासन सक्रिय हो गया। आग की गंभीरता को भांपते हुए संगरूर, धूरी और सुनाम से फायर ब्रिगेड की कुल 6 गाड़ियों को मौके पर बुलाया गया। दमकल कर्मियों ने कई घंटों तक लगातार पानी की बौछारें कर आग बुझाने का प्रयास किया। प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक आग की लपटें इतनी ऊंची थीं कि दूर-दराज के इलाकों से भी साफ देखी जा सकती थीं। भयंकर आग बुझाने के दौरान लपटें पास ही स्थित एक शैलर के फूस (पराली/घास-फूस) तक भी पहुंच गईं, जिससे खतरा और ज्यादा बढ़ गया। हालांकि, दमकल कर्मियों ने सूझबूझ से काम लेते हुए आग को अन्य औद्योगिक इकाइयों (फैक्ट्रियों) तक फैलने से रोक लिया। समाचार लिखे जाने तक आग पर पूरी तरह नियंत्रण पाने के प्रयास जारी थे। जानी नुकसान से बचाव, करोड़ों के माली नुकसान का अनुमान राहत की बात यह रही कि इस भयानक हादसे में कोई जानी नुकसान नहीं हुआ। फैक्ट्री में काम कर रहे सभी कर्मचारी समय रहते सुरक्षित बाहर निकल आए, जिससे एक बड़ा हादसा टल गया। हालांकि, फैक्ट्री की कीमती मशीनरी, भारी मात्रा में रखा कच्चा माल और अन्य सामान जलकर खाक हो गया है। प्रारंभिक अनुमान के मुताबिक इस हादसे में करोड़ों रुपये के नुकसान की आशंका जताई जा रही है। वास्तविक नुकसान का आकलन आग पूरी तरह बुझने के बाद ही हो सकेगा। पुलिस और स्थानीय लोगों ने बढ़ाया मदद का हाथ हादसे की सूचना मिलने पर थाना लॉन्गोवाल के एसएचओ इंस्पेक्टर बलवंत सिंह बलिंग पुलिस टीम के साथ तुरंत मौके पर पहुंचे। पुलिस ने सुरक्षा के लिहाज से आसपास के पूरे इलाके को सील कर दिया और लोगों को सुरक्षित दूरी बनाए रखने की हिदायत दी। इस दौरान स्थानीय लोग भी बड़ी संख्या में मदद के लिए आगे आए और दमकल विभाग के लिए पानी की व्यवस्था व अन्य बचाव कार्यों में प्रशासन का पूरा सहयोग किया। एसएचओ बलवंत सिंह ने बताया कि प्राथमिक जांच में आग लगने का कारण बिजली का स्पार्क माना जा रहा है, लेकिन आग पूरी तरह शांत होने के बाद तकनीकी जांच के जरिए ही वास्तविक कारणों की पुष्टि की जाएगी। इस घटना के बाद स्थानीय लोगों और उद्योग जगत ने औद्योगिक इकाइयों में फायर सेफ्टी (अग्नि सुरक्षा) के पुख्ता इंतजाम करने की मांग उठाई है।

   

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