भास्कर न्यूज | जालंधर इंटरनेशनल सिख काउंसिल की बैठक में महाराष्ट्र सरकार द्वारा तख्त श्री हजूर साहिब, नांदेड़ के प्रबंधन कानून में किए गए संशोधनों की कड़े शब्दों में निंदा की गई। काउंसिल नेताओं मनदीप सिंह मिट्ठू और एडवोकेट मनप्रीत सिंह गाबा ने कहा कि तख्त साहिब के धार्मिक मामलों में सरकारी हस्तक्षेप किसी कीमत पर स्वीकार्य नहीं है। यह कदम सिख धर्म की स्वतंत्रता और संवैधानिक अधिकारों पर सीधा हमला है। नेताओं ने चेतावनी दी कि यदि सरकारें धार्मिक संस्थाओं का नियंत्रण अपने हाथ में लेंगी, तो यह देश के लोकतांत्रिक ढांचे के लिए गंभीर विषय होगा। उन्होंने महाराष्ट्र सरकार से मांग की कि इस फैसले को तुरंत वापस लिया जाए और श्री अकाल तख्त साहिब व शिरोमणि गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटी से विचार-विमर्श के बिना कोई नया कानून न बनाया जाए। संशोधन के लागू होने पर कई तरह की परेशानियों का सामना करना पड़ेगा। इससे सरकार को इस पर विचार करना चाहिए। बैठक में मनजीत सिंह बिल्ला, मनदीप सिंह मोंटू और हरप्रीत सिंह हैप्पी सहित कई गणमान्य मौजूद थे। बैठक में मनजीत सिंह बिल्ला, मनदीप सिंह मोंटू, हरप्रीत सिंह हैप्पी, दविंदर सिंह रेक्सी, गुरप्रीत सिंह भाटिया, इंद्रजीत सिंह निहंग, शेर सिंह निहंग (बुढ्ढा दल), गगनप्रीत सिंह, कुलविंदर सिंह मान तथा परमजीत सिंह भी उपस्थित थे।

