भास्कर न्यूज | जालंधर लवली प्रोफेशनल यूनिवर्सिटी ने पढ़ाने और रिसर्च में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस के इस्तेमाल विषय पर छह सप्ताह का फैकल्टी इंडक्शन प्रोग्राम आयोजित किया। इस कार्यक्रम में 50 फैकल्टी सदस्यों ने हिस्सा लिया और एआई टूल्स, ऑटोमेशन तकनीकों तथा आधुनिक शिक्षण तरीकों की प्रैक्टिकल ट्रेनिंग प्राप्त की। यह पहल एलपीयू के ह्यूमन रिसोर्स डेवलपमेंट सेंटर और टेलेंट ग्रो ग्लोबल के सहयोग से शुरू की गई। कार्यक्रम का उद्देश्य शिक्षकों को नई तकनीकों से जोड़ना और शिक्षा को अधिक प्रभावी बनाना था। ट्रेनिंग के दौरान फैकल्टी सदस्यों को एआई आधारित टीचिंग, कंटेंट तैयार करने, रिसर्च को बेहतर बनाने, क्लासरूम मैनेजमेंट और छात्रों की पढ़ाई में रुचि बढ़ाने के तरीकों की जानकारी दी गई। प्रतिभागियों ने चैटजीपीटी, गूगल जेमिनी, नोटबुकएलएम, नोशन एआई, जैपियर और कई अन्य आधुनिक एआई टूल्स पर काम किया। कार्यक्रम को पूरी तरह प्रैक्टिकल रखा गया, जिसमें शिक्षकों ने एआई की मदद से लेक्चर तैयार करना, परीक्षा प्रश्न बनाना, रिसर्च कार्य को व्यवस्थित करना और छात्रों के लिए पढ़ाई को रोचक बनाने जैसे कार्य किए। कार्यक्रम के अंत में फैकल्टी सदस्यों ने एआई की सहायता से तैयार अपने प्रोजेक्ट्स और मॉडल्स भी प्रस्तुत किए। एलपीयू के प्रो वाइस-चांसलर डॉ. लवीराज गुप्ता ने कहा कि आज के समय में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस प्रभावी शिक्षण और रिसर्च का महत्वपूर्ण हिस्सा बन चुका है। उन्होंने कहा कि यूनिवर्सिटी लगातार फैकल्टी को नई तकनीकों और आधुनिक शिक्षण तरीकों से अपडेट रखने के लिए ऐसे कार्यक्रम आयोजित करती रहेगी। लवली प्रोफेशनल यूनिवर्सिटी में कार्यक्रम के दौरान शामिल अतिथि व अन्य।

