शनि मंदिर में धार्मिक समागम का आयोजन

सतलुज पुल के समीप स्थित शनिगांव के शनि मंदिर में शनिवार को साप्ताहिक धार्मिक समागम का आयोजन किया गया। इस दौरान बड़ी संख्या में पहुंचे श्रद्धालुओं ने कतारबद्ध होकर भगवान शनिदेव का विधि-विधान से तेलाभिषेक किया और परिसर में आयोजित भव्य हवन यज्ञ में आहुतियां डालकर सुख-समृद्धि की कामना की। धार्मिक अनुष्ठान के बाद आयोजित धर्मसभा को संबोधित करते हुए यहां के आध्यात्मिक गुरु शून्य प्रभु ने संगत को विशेष संदेश दिया। शून्य प्रभु ने कर्म सिद्धांत पर बात करते हुए कहा कि हम जैसा बोते हैं वैसा ही काटते हैं। हमारे अच्छे या बुरे कर्म हमेशा लौटकर हमारे पास वापस आते हैं। विज्ञान का उदाहरण देते हुए उन्होंने समझाया कि हर क्रिया की एक बराबर और उल्टी प्रतिक्रिया होती है। ईसा मसीह ने भी कहा है कि दूसरों के साथ वैसा ही व्यवहार करो, जैसा तुम खुद के लिए चाहते हो। उन्होंने आगे कहा कि कर्म केवल शरीर से नहीं होते मानसिक कर्म भी बहुत मायने रखते हैं। समागम में मुख्य सेवादार करमजीत सिंह मान सहित बड़ी संख्या में श्रद्धालु उपस्थित रहे जिन्हें समाप्ति पर महाप्रसाद वितरित किया गया।

   

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