बाघापुराना में सफाई कर्मचारियों की हड़ताल जारी:सरकार से वार्ता बेनतीजा, शहर में लगे कूड़े के ढेर; बढ़ा बीमारियों का खतरा

मोगा जिले में बाघापुराना में सफाई कर्मचारियों और पंजाब सरकार के बीच बातचीत बेनतीजा रही है। इससे आम लोगों का जीवन प्रभावित हो रहा है। पिछले कई दिनों से चल रही हड़ताल के कारण शहर के बाजारों, गलियों, मोहल्लों और रिहायशी इलाकों में कूड़े के बड़े-बड़े ढेर लग गए हैं। नगर परिषद द्वारा प्रतिदिन एकत्र किया जाने वाला कई टन कूड़ा सड़कों पर पड़ा है, जिससे लोगों को भारी परेशानी हो रही है। कूड़े से उठने वाली बदबू के कारण बीमारियों का खतरा बढ़ गया है। कई इलाकों में नालियों की सफाई न होने से गंदा पानी भी सड़कों पर जमा हो रहा है। दुकानदार बोले- गंदगी के कारण ग्राहक बाजारों में कम आ रहे हैं दुकानदारों का कहना है कि गंदगी के कारण ग्राहक बाजारों में कम आ रहे हैं। राज्य कमेटी के आह्वान पर धरने पर बैठे सफाई कर्मचारियों के अध्यक्ष बुध राम, उपाध्यक्ष रिंकू और सुपरवाइजर मंगल सिंह ने सरकार द्वारा लगाई जा रही शर्तों को गलत बताया। नेताओं ने बताया कि पंजाब स्तर की बैठकों में सरकार ने स्पष्ट किया था कि केवल उन्हीं कर्मचारियों को नियमित किया जाएगा जो लगातार 10 साल से काम कर रहे हैं। उन्होंने तर्क दिया कि नगर परिषदों में ठेका प्रणाली लागू हुए लगभग पांच साल ही हुए हैं, ऐसे में 10 साल की शर्त लगाना अनुचित है। कर्मचारी बोले- सरकार उन्हें गुमराह करने की कोशिश कर रही कर्मचारियों ने आरोप लगाया कि सरकार इस मुद्दे का समाधान निकालने के बजाय उन्हें गुमराह करने की कोशिश कर रही है। उन्होंने कहा कि सफाई कर्मचारी लंबे समय से स्थायी नौकरी, वेतन वृद्धि, समय पर भुगतान और अन्य बुनियादी सुविधाओं की मांग कर रहे हैं, लेकिन सरकार कोई ठोस आश्वासन नहीं दे रही है। कर्मचारियों ने चेतावनी दी है कि यदि सरकार ने जल्द ही उनकी मांगें नहीं मानीं, तो उनका संघर्ष और तेज किया जाएगा।दूसरी तरफ, शहर के लोगों ने भी सरकार और सफाई कर्मचारियों से अपील की है कि वे आपसी बातचीत से जल्द से जल्द इस मसले का हल निकालें। लोगों का कहना है कि सबसे ज्यादा परेशानी आम जनता को हो रही है और अगर यही हालात लंबे समय तक रहे तो हेल्थ क्राइसिस पैदा हो सकता है।

   

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