पठानकोट में तीन दिवसीय अंतरराष्ट्रीय पोलियो अभियान शुरू:5 साल तक के बच्चों को पिलाई जाएगी खुराक, 29-30 को घर घर जाएगी टीम
- Neha Gupta
- Jun 28, 2026
देश की आने वाली पीढ़ी को पोलियो जैसी गंभीर बीमारी से पूरी तरह सुरक्षित रखने के उद्देश्य से पठानकोट जिले में तीन दिवसीय अंतरराष्ट्रीय पोलियो अभियान का भव्य शुभारंभ किया गया है। स्थानीय सिविल अस्पताल से शुरू हुए इस विशेष स्वास्थ्य अभियान के तहत शून्य से 5 वर्ष तक की आयु के सभी बच्चों को पोलियो रोधी जीवनरक्षक खुराक पिलाई जा रही है। इस राष्ट्रव्यापी अभियान की शुरुआत सिविल सर्जन और एसएमओ (SMO) पठानकोट ने संयुक्त रूप से नन्हे-मुन्ने बच्चों को अपने हाथों से पोलियो ड्रॉप्स पिलाकर की। इस गरिमामयी अवसर पर स्वास्थ्य विभाग के वरिष्ठ अधिकारी, विशेषज्ञ डॉक्टर्स और फ्रंटलाइन मेडिकल स्टाफ भी विशेष रूप से उपस्थित रहा। स्वास्थ्य विभाग ने जिले के हर हिस्से तक पहुंच सुनिश्चित करने के लिए कड़े प्रबंध किए हैं, ताकि कोई भी बच्चा इस सुरक्षा चक्र से बाहर न छूटे। जिले भर में 514 बूथ; बस स्टैंड और रेलवे स्टेशनों पर पैनी नजर कुल पोलियो बूथ: पूरे जिले में रिकॉर्ड 514 पोलियो बूथ स्थापित किए गए हैं। ट्रांजिट टीमें: यात्रियों के बच्चों के लिए बस स्टैंड, रेलवे स्टेशन और अन्य प्रमुख सार्वजनिक स्थानों पर विशेष टीमें तैनात की गई हैं, जो आने-जाने वाले हर बच्चे पर नजर रख रही हैं। घर-घर दस्तक (अगला चरण): जो बच्चे रविवार को बूथ तक नहीं पहुंच सके हैं, उनके लिए अभियान के अगले चरण में स्वास्थ्य विभाग की टीमें मुस्तैदी से घर-घर जाकर पोलियो ड्रॉप्स पिलाएंगी। भारत पोलियो मुक्त, लेकिन सुरक्षा के लिए सतर्कता जरूरी अभिभावकों को जागरूक करते हुए स्वास्थ्य अधिकारियों ने एक बेहद महत्वपूर्ण जानकारी साझा की। उन्होंने बताया कि यद्यपि भारत को आधिकारिक तौर पर काफी पहले ही 'पोलियो मुक्त' घोषित किया जा चुका है, लेकिन दुनिया के कुछ पड़ोसी व अन्य देशों में अभी भी इसके सक्रिय मामले सामने आ रहे हैं। वायरस के दोबारा प्रसार के खतरे को रोकने और हमारे बच्चों की शत-प्रतिशत सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए यह खुराक पिलाना आज भी बेहद आवश्यक है।" अधिकारियों की अपील: 'दो बूंद अवश्य पिलवाएं' स्वास्थ्य विभाग ने सभी माता-पिता और अभिभावकों से भावुक अपील की है कि वे अपनी सामाजिक जिम्मेदारी को समझते हुए अपने 0 से 5 वर्ष तक के सभी बच्चों को पोलिया की दो बूंद अवश्य पिलवाएं। अधिकारियों ने दोहराया कि पोलियो से बचाव का एकमात्र और सबसे प्रभावी तरीका समय पर यह खुराक दिलाना है, ताकि देश का भविष्य हमेशा स्वस्थ और सुरक्षित रह सके।

