हरियाणा CM की मध्यस्थता से सुलझा उत्तराखंड-पंजाब निहंग विवाद:पॉलिटिकल एडवाइजर को बातचीत के लिए भेजा; मारपीट केस में आज होगी रिहाई
- DSS Admin
- Jun 27, 2026
पंजाब के निहंगों और उत्तराखंड प्रशासन के बीच चल रहा विवाद आखिरकार खत्म हो गया। शुक्रवार रात हरियाणा के मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी की पहल से गतिरोध समाप्त हुआ। निहंगों के एक प्रतिनिधिमंडल ने सीएम सैनी से मुलाकात कर मामले में हस्तक्षेप की मांग की थी। इसके बाद सीएम सैनी ने अपने पॉलिटिकल एडवाइजर तरुण भंडारी को उत्तराखंड सरकार से बातचीत की जिम्मेदारी सौंपी। शनिवार को तरुण भंडारी खुद उत्तराखंड पहुंचे और अधिकारियों से बातचीत की। इसके बाद मारपीट के मामले में गिरफ्तार चारों निहंगों को जमानत मिल गई। विवाद 16 जून को कर्णप्रयाग में शुरू हुआ था। यहां निहंगों और स्थानीय लोगों के बीच मारपीट हुई थी, जिसके बाद चारों निहंगों को गिरफ्तार कर लिया गया। गिरफ्तारी के विरोध में कुछ निहंगों ने गुरुद्वारे पर कब्जा कर लिया। वहीं, पंजाब से बड़ी संख्या में निहंगों ने उत्तराखंड कूच का ऐलान किया, लेकिन पुलिस ने उन्हें हिमाचल प्रदेश के पांवटा साहिब में बॉर्डर पर ही रोक दिया था। सीएम सैनी के पॉलिटिकल एडवीइजर बोले- निहंगों से मीटिंग हुई सीएम नायब सैनी के पॉलिटिकल एडवाइजर तरुण भंडारी ने बताया- शुक्रवार देर रात चंडीगढ़ सीएम हाउस में पंजाब के निहंगों से मीटिंग हुई थी, जिसमें दोनों पक्षों के बीच समझौता कराने के प्रयास किए गए। सीएम के निर्देश पर मैं आज (शनिवार) हिमाचल प्रदेश के पाउंटा गया था, जहां गुरुद्वारा साहिब में मेरी निहंगों के साथ मीटिंग हुई। मीटिंग में तय हुआ कि चारों निहंगों को जमानत पर रिहा किया जाएगा। देर रात तक चारों निहंगों को रिहा कर दिया जाएगा। पढ़िए, कैसे शुरु हुआ विवाद… पूरा विवाद 16 जून को चमोली जिले के कर्णप्रयाग बाजार में शुरू हुआ। हेमकुंड साहिब यात्रा से लौट रहे निहंगों के एक जत्थे की बाइक बाजार में खड़ी एक कार से टकरा गई। इसके बाद दोनों पक्षों के बीच कहासुनी शुरू हुई, जो देखते ही देखते हिंसक झड़प में बदल गई। आरोप है कि कुछ निहंगों ने तलवार और अन्य धारदार हथियारों से हमला किया, जिसमें कई स्थानीय लोग घायल हो गए। एक होटल व्यवसायी गंभीर रूप से घायल हुआ, जिसे एयरलिफ्ट कर एम्स ऋषिकेश भेजा गया। घटना के विरोध में स्थानीय लोगों और व्यापारियों ने बद्रीनाथ हाईवे पर करीब पांच घंटे तक चक्काजाम किया। इसके बाद पुलिस ने कार्रवाई करते हुए चार निहंगों को गिरफ्तार कर हत्या के प्रयास समेत अन्य गंभीर धाराओं में मुकदमा दर्ज कर जेल भेज दिया।

