590 करोड़ के IDFC बैंक घोटाले में CBI का एक्शन:चंडीगढ़-पंचकूला में 7 ठिकानों पर छापे; 5 IAS से पूछताछ की तैयारी, अब तक 16 गिरफ्तार

हरियाणा के चर्चित IDFC और AU स्मॉल फाइनेंस बैंक से जुड़े करीब 590 करोड़ रुपए के कथित घोटाले में केंद्रीय अन्वेषण ब्यूरो (CBI) ने बड़ी कार्रवाई करते हुए चंडीगढ़ और पंचकूला में सात स्थानों पर छापेमारी की है। CBI ने यह कार्रवाई 14 मई 2026 को की गई है, जिसकी जानकारी एजेंसी ने खुद आधिकारिक रूप से जारी की है। CBI के अनुसार, हरियाणा सरकार ने इस मामले की जांच एजेंसी को सौंपी थी। आरोप है कि IDFC और AU स्मॉल फाइनेंस बैंक के कुछ अधिकारियों ने हरियाणा सरकार के विभिन्न विभागों के सरकारी कर्मचारियों के साथ मिलीभगत कर धोखाधड़ी के जरिए सरकारी धन का गबन किया। ज्वेलर्स और संदिग्ध ठिकानों पर छापे CBI ने जिन 7 स्थानों पर तलाशी ली, उनमें आरोपियों के आवास, ज्वेलर्स के शोरूम, सरकारी धन के कथित लाभार्थियों के परिसर और जांच से जुड़े अन्य निजी संस्थान शामिल हैं। तलाशी के दौरान एजेंसी को कई महत्वपूर्ण दस्तावेज, वित्तीय रिकॉर्ड और डिजिटल साक्ष्य मिले हैं। CBI का कहना है कि ये सबूत घोटाले और सरकारी धन के दुरुपयोग से संबंधित हैं। अब तक 16 आरोपी गिरफ्तार CBI के अनुसार, इस मामले में अब तक 16 लोगों को गिरफ्तार किया जा चुका है। एजेंसी कई अहम सुरागों पर काम कर रही है और जांच को तेजी से आगे बढ़ाया जा रहा है। यह घोटाला हरियाणा के कई सरकारी विभागों से जुड़ा बताया जा रहा है, जिनमें पंचायत विभाग, प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड, बिजली विभाग और पंचकूला नगर निगम शामिल हैं। IAS अधिकारियों पर भी कार्रवाई इस मामले में CBI ने पांच IAS अधिकारियों के खिलाफ भ्रष्टाचार निरोधक अधिनियम की धारा 17-A के तहत जांच की अनुमति मांगी थी, जिसे केंद्र सरकार से मंजूरी मिल चुकी है। तीन अन्य अधिकारियों के संबंध में अनुमति प्रक्रिया अभी लंबित बताई जा रही है। CBI ने कहा है कि मामले की व्यापक और निष्पक्ष जांच की जाएगी तथा दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी। पंचायत, बिजली, प्रदूषण बोर्ड, नगर निगम से जुड़ा घोटाला बताया जा रहा है कि जिन अधिकारियों के नाम जांच के दायरे में आए हैं, वे पहले, पंचायत एवं विकास विभाग, हरियाणा राज्य प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड, हरियाणा विद्युत उत्पादन निगम और पंचकूला नगर निगम जैसे विभागों में तैनात रह चुके हैं। इन विभागों में फर्जी खातों और संदिग्ध भुगतान के जरिए करोड़ों रुपए के लेन-देन की जांच चल रही है। मामले में 3 लेखा अधिकारियों को पहले ही बर्खास्त किया जा चुका है। आरोपियों के बयानों और रिकॉर्डिंग से खुले नए राज जांच एजेंसियों को गिरफ्तार आरोपियों के बयानों, दस्तावेजों, फाइल मूवमेंट और कथित ऑडियो/डिजिटल रिकॉर्डिंग में कई वरिष्ठ अधिकारियों के नाम मिलने का दावा किया जा रहा है। सूत्रों के अनुसार, रिकॉर्डिंग में फंड ट्रांसफर, बैंक खातों का संचालन और कार्रवाई से बचने के तरीके जैसे विषयों पर बातचीत के संकेत मिले हैं। CBI इन रिकॉर्डिंग की फॉरेंसिक जांच करा रही है। सरकार ने ये दिया मैसेज इस मामले को केवल वित्तीय अनियमितता नहीं, बल्कि प्रशासनिक जवाबदेही और पारदर्शिता से जुड़ा बड़ा मुद्दा माना जा रहा है। सीएम नायब सिंह सैनी के निर्देश पर पहले एसीबी और बाद में CBI जांच शुरू कराई गई थी। अब 17-A की मंजूरी देकर सरकार ने संकेत दिया है कि भ्रष्टाचार के मामलों में किसी भी स्तर पर कार्रवाई से पीछे नहीं हटेगी। ब्यूरोक्रेसी में बढ़ी हलचल वरिष्ठ IAS अधिकारियों के खिलाफ पूछताछ की अनुमति मिलने के बाद हरियाणा की नौकरशाही में हलचल तेज हो गई है। माना जा रहा है कि आने वाले दिनों में CBI संबंधित अधिकारियों से पूछताछ शुरू कर सकती है और जांच में कई नए खुलासे हो सकते हैं। ये खबर भी पढ़ें… हरियाणा के 5 IAS अफसरों से CBI करेगी पूछताछ:मुख्य सचिव के पास पहुंची फाइल, अगले हफ्ते मंजूरी की उम्मीद, 590 करोड़ IDFC-AU बैंक घोटाला हरियाणा के चर्चित ₹590 करोड़ के IDFC बैंक और AU स्मॉल फाइनेंस बैंक घोटाले की जांच अब बड़े प्रशासनिक अधिकारियों तक पहुंचती दिखाई दे रही है। केंद्रीय जांच ब्यूरो (CBI) ने इस मामले में 5 IAS अफसरों से पूछताछ के लिए भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम की धारा 17-A के तहत अनुमति मांगी है। (पूरी खबर पढ़ें)

   

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