पानी पर सियासत गर्म: कांग्रेस ने जल भवन पर घेराव कर फोड़े मटके

खाचरियावास दी चेतावनी  चौबीस घंटे में समाधान नहीं हुआ तो मुख्यमंत्री-मंत्रियों को पिलाएंगे गंदा पानीखाचरियावास दी चेतावनी  चौबीस घंटे में समाधान नहीं हुआ तो मुख्यमंत्री-मंत्रियों को पिलाएंगे गंदा पानी

जयपुर, 25 मई (हि.स.)। राजधानी जयपुर में गहराते पेयजल संकट और गंदे पानी की सप्लाई को लेकर सोमवार को कांग्रेस ने भाजपा सरकार के खिलाफ बड़ा शक्ति प्रदर्शन किया। इसके चलते पूर्व कैबिनेट मंत्री प्रताप सिंह खाचरियावास के नेतृत्व में हजारों कांग्रेस कार्यकर्ताओं, महिलाओं और स्थानीय लोगों ने सिविल लाइंस स्थित खाचरियावास हाउस से हसनपुरा स्थित जल भवन तक पैदल ‘पानी यात्रा’ निकालकर जल भवन का घेराव किया। प्रदर्शन के दौरान कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने मटके फोड़े, सड़क पर लेटकर विरोध जताया और सरकार के खिलाफ जमकर नारेबाजी की।

वहीं स्थिति तनावपूर्ण होती देख पुलिस ने जल भवन के मुख्य गेट पर ताला लगा दिया। इसके बावजूद विधायक रफीक खान और कई कांग्रेस कार्यकर्ता जल भवन के मुख्य दरवाजे पर चढ़ गए और गेट खुलवाने के लिए पुलिस प्रशासन पर दबाव बनाते रहे।

प्रदर्शन के दौरान “जनता प्यासी मर रही है, भाजपा सरकार जेब भर रही है”, “पानी नहीं तो सरकार नहीं” और “स्वच्छ और पूरा पानी दो, वरना कुर्सी छोड़ दो” जैसे नारों से पूरा इलाका गूंज उठा। हसनपुरा चौराहे पर कांग्रेस कार्यकर्ता भीषण गर्मी के बीच करीब 10 मिनट तक सड़क पर लेट गए, जिससे यातायात बाधित हो गया।

पूर्व मंत्री प्रताप सिंह खाचरियावास ने जल भवन के बाहर धरने पर बैठते हुए सरकार पर तीखा हमला बोला। उन्होंने कहा कि जयपुर ही नहीं, पूरा राजस्थान प्यासा है। लोग गंदा पानी पीने को मजबूर हैं, जबकि टैंकर माफिया खुलेआम लूट मचा रहा है। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि 24 घंटे में जल संकट और गंदे पानी की समस्या का समाधान नहीं हुआ तो मुख्यमंत्री और मंत्रियों को यही गंदा पानी पिलाया जाएगा। जरूरत पड़ी तो उनके पानी के कनेक्शन भी काटे जाएंगे।

खाचरियावास ने आरोप लगाया कि भाजपा सरकार जनता की समस्याओं से बेपरवाह होकर “रात्रि चौपाल” में व्यस्त है, जबकि राजधानी में लोग साफ पानी के लिए तरस रहे हैं। उन्होंने राज्य सरकार से प्रदेशभर में निशुल्क पानी के टैंकर उपलब्ध कराने की मांग भी की।

प्रदर्शन में बड़ी संख्या में महिलाएं भी शामिल हुईं। महिलाओं ने आरोप लगाया कि गंदे पानी की वजह से बच्चे बीमार हो रहे हैं और परिवारों को पीने के लिए 50-50 रुपए के पानी के कैम्पर खरीदने पड़ रहे हैं।

विधायक रफीक खान ने कहा कि भाजपा सरकार पूरी तरह सो रही है और प्रदेश में पेयजल संकट को लेकर कोई गंभीर कदम नहीं उठा रही। उन्होंने कहा कि बेरोजगार युवाओं को “कॉकरोच” कहने वाली सरकार जनता की मूलभूत समस्याओं से मुंह मोड़ चुकी है।

प्रदर्शन के दौरान एक युवक गंदे पानी से भरी बोतल लेकर पहुंचा और “गंदा पानी बंद करो” के नारे लगाते हुए सरकार से स्वच्छ पेयजल उपलब्ध कराने की मांग की।

जल भवन के बाहर बढ़ते जन दबाव और विरोध प्रदर्शन के बाद आखिरकार जलदाय विभाग के अधिकारी आंदोलनकारियों से वार्ता के लिए पहुंचे। मुख्य अभियंता देवराज सोलंकी और अजय सिंह राठौड़ ने खाचरियावास को जयपुर में 200 लाख लीटर अतिरिक्त पानी सप्लाई बढ़ाने के आदेश की प्रति सौंपी और भरोसा दिलाया कि जिन क्षेत्रों में गंदे पानी और पेयजल संकट की शिकायतें हैं। वहां चौबीस घंटे के भीतर सुधारात्मक कार्रवाई की जाएगी। साथ ही जरूरत वाले क्षेत्रों में निशुल्क टैंकर व्यवस्था सुनिश्चित करने का आश्वासन भी दिया गया।

इसके बाद खाचरियावास ने आंदोलन समाप्त करने की घोषणा करते हुए कहा कि यह कांग्रेस नहीं,बल्कि जनता की जीत है। उन्होंने कहा कि सरकार गहरी नींद में सो रही थी, जिसे जनता की ताकत और कांग्रेस कार्यकर्ताओं के संघर्ष ने जगाने का काम किया है।

इस आंदोलन में विधायक अमीन काजी, पुष्पेंद्र भारद्वाज, अर्चना शर्मा, अमीन पठान सहित कई ब्लॉक अध्यक्ष, पार्षद, वार्ड अध्यक्ष और सैकड़ों कांग्रेस कार्यकर्ता मौजूद रहे।

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