कांगड़ा नप चुनाव, विधायक और दो कांग्रेसी आमने-सामने:भाजपा ने पहली बार मैदान में, शर्मा-वर्मा परिवार की विरासत को चुनौती

हिमाचल प्रदेश के कांगड़ा नगर परिषद चुनावों में इस बार मुकाबला बेहद दिलचस्प और त्रिकोणीय हो गया है। पिछले साढ़े तीन दशकों से शहर की राजनीति पर काबिज शर्मा और वर्मा परिवारों के वर्चस्व को तोड़ने के लिए भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) ने पहली बार अपने आधिकारिक उम्मीदवार मैदान में उतारे हैं। इस चुनावी रण में भाजपा के प्रदेश उपाध्यक्ष एवं स्थानीय विधायक पवन काजल, कांग्रेस के दिग्गज नेता डॉ. राजेश शर्मा और अजय वर्मा की साख दांव पर लगी है। अजय वर्मा ने दावा किया कि कांग्रेस कार्यकाल में कांगड़ा शहर के विकास पर करोड़ों रुपये खर्च किए गए हैं और शहरवासियों का जनसमर्थन उनके साथ है। उन्होंने कहा कि चुनाव नतीजों के बाद भाजपा को हकीकत का सामना करना पड़ेगा। कांगड़ा में पहली बार भाजपा ने उम्मीदवार उतारे कांगड़ा नगर परिषद चुनाव में इस बार भाजपा ने पहली बार अपने उम्मीदवार उतारे हैं, जिससे पिछले 35 वर्षों से अध्यक्ष पद पर काबिज शर्मा और वर्मा परिवारों को कड़ी चुनौती मिल रही है। इस चुनाव में स्थानीय विधायक पवन काजल, कांग्रेस के डॉ. राजेश शर्मा और अजय वर्मा जैसे प्रमुख नेताओं की प्रतिष्ठा दांव पर लगी है। भाजपा ने सभी नौ वार्डों में अपने प्रत्याशी उतारे हैं। कुल 7823 मतदाता 28 उम्मीदवारों के भाग्य का फैसला करेंगे। भाजपा इस चुनाव को शहर में 'परिवारवाद की राजनीति' खत्म करने और विकास के मुद्दे पर लड़ रही है। कांग्रेस के दो नेताओं के बीच जंग कांग्रेस समर्थक प्रदेश स्कूल शिक्षा बोर्ड के अध्यक्ष डॉ. राजेश शर्मा ने भी समर्थकों को मैदान में उतारा है। इनमें वार्ड एक से शशि कांता, वार्ड तीन से पुष्पा चौधरी, वार्ड छह से अनीता गुप्ता, वार्ड सात से उनकी पत्नी कोमल शर्मा, वार्ड आठ से रमन कुमार और वार्ड नौ से उनके परिवार के अशोक शर्मा शामिल हैं। इसी तरह एचआरटीसी के उपाध्यक्ष अजय वर्मा के समर्थक भी चुनाव लड़ रहे हैं। वार्ड एक से भावना वर्मा, वार्ड दो से सुमन वर्मा, वार्ड तीन से अनिल चौधरी, वार्ड चार से मोना, वार्ड पांच से रंजीता और वार्ड छह से राजकुमारी को वर्मा समर्थक माना जा रहा है। तीन वार्डों में भाजपा को कड़ी टक्कर तीन पूर्व नगर परिषद अध्यक्ष सुमन वर्मा, कोमल शर्मा और अशोक शर्मा को अपने-अपने वार्डों में भाजपा से कड़ी टक्कर मिल रही है। सुमन वर्मा सातवीं बार, अशोक शर्मा छठी बार और कोमल शर्मा भी लगातार छठी बार चुनाव मैदान में हैं। इसके अलावा, वार्ड चार से अनुराधा लगातार चौथी बार और वार्ड तीन से पुष्पा चौधरी लगातार तीसरी बार चुनाव लड़ रही हैं। वार्ड तीन में निर्दलीय उम्मीदवार विकास वर्मा (विशु) भाजपा और पूर्व पार्षद को कड़ी चुनौती दे रहे हैं। नगर के वार्ड एक में सबसे अधिक पांच उम्मीदवार और वार्ड तीन में चार उम्मीदवार चुनाव लड़ रहे हैं। वार्ड तीन से 25 वर्षीय इंजीनियर आशुतोष परवान भाजपा के सबसे कम उम्र के उम्मीदवार हैं। इस चुनाव में विधायक और प्रदेश भाजपा उपाध्यक्ष पवन काजल, तथा कांग्रेस के दो प्रमुख नेताओं अजय वर्मा और डॉ. राजेश शर्मा की साख दांव पर है। चुनावी समीकरण: एक नज़र में शहर के कुल 9 वार्डों में होने वाले इस चुनाव में 7,823 मतदाता कुल 28 उम्मीदवारों के भाग्य का फैसला करेंगे। दिग्गजों के बीच 'कांटे की टक्कर' शहर की राजनीति में दशकों से सक्रिय रहे तीन पूर्व नगर परिषद अध्यक्षों को इस बार भाजपा प्रत्याशियों से कड़ी चुनौती मिल रही है: सुमन वर्मा: सातवीं बार चुनावी मैदान में। अशोक शर्मा: छठी बार अपनी किस्मत आजमा रहे हैं। कोमल शर्मा: लगातार छठी बार चुनाव लड़ रही हैं। इसके अलावा, वार्ड 4 से अनुराधा (चौथी बार) और वार्ड 3 से पुष्पा चौधरी (तीसरी बार) भी अपनी पकड़ बनाए रखने की कोशिश में हैं। वहीं, वार्ड 3 में निर्दलीय उम्मीदवार विकास वर्मा (विशु) ने मुकाबले को त्रिकोणीय बनाकर भाजपा और पूर्व पार्षदों की मुश्किलें बढ़ा दी हैं। विकास बनाम विरासत की जंग भाजपा इस चुनाव को शहर से 'परिवारवाद' खत्म करने के संकल्प के साथ लड़ रही है। विधायक पवन काजल के लिए यह चुनाव अपनी लोकप्रियता और पार्टी की पकड़ साबित करने का बड़ा अवसर है। दूसरी ओर, एचआरटीसी के उपाध्यक्ष अजय वर्मा ने भाजपा के दावों को खारिज करते हुए कहा कि कांग्रेस के कार्यकाल में कांगड़ा शहर के विकास पर करोड़ों रुपये खर्च किए गए हैं। जनता हमारे साथ है और चुनाव नतीजों के बाद भाजपा को हकीकत का पता चल जाएगा। वार्डवार स्थिति सबसे अधिक उम्मीदवार: वार्ड नंबर 1 (5 प्रत्याशी)। कड़ी प्रतिस्पर्धा: वार्ड नंबर 3 (4 प्रत्याशी)। कांगड़ा नगर परिषद के ये चुनाव केवल स्थानीय निकाय की सत्ता हासिल करने के लिए नहीं, बल्कि भविष्य की राजनीति की दिशा तय करने वाले माने जा रहे हैं। शहर की जनता विकास की निरंतरता को चुनती है या 'बदलाव' के नारे पर मुहर लगाती है, यह देखना बेहद दिलचस्प होगा।

   

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