साइबर ठगी के आरोपी संग विधायक की तस्वीर वायरल, सियासत गरमाई

भीलवाड़ा, 15 मई (हि.स.)। करोड़ों रुपए की साइबर ठगी के मामले में गिरफ्तार आरोपी गोपाल बलाई की भाजपा विधायक के साथ वायरल तस्वीर को लेकर राजस्थान की राजनीति में नया विवाद खड़ा हो गया है। सोशल मीडिया पर वायरल हो रही तस्वीर में सहाड़ा विधायक लादू लाल पितलिया एक सार्वजनिक कार्यक्रम के दौरान आरोपी गोपाल बलाई से माला पहनकर स्वागत करवाते नजर आ रहे हैं। यह तस्वीर अंतरराष्ट्रीय महिला दिवस के अवसर पर आयोजित एक कार्यक्रम की है। तस्वीर सामने आने के बाद कांग्रेस ने भाजपा पर तीखा हमला बोलते हुए अपराधियों और सत्ता पक्ष के बीच संबंधों को लेकर सवाल खड़े किए हैं।

कांग्रेस नेता श्याम पुरोहित ने भाजपा सरकार पर निशाना साधते हुए कहा कि प्रदेश में साइबर अपराध लगातार बढ़ रहे हैं और अपराधियों के हौसले बुलंद हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि जनता की मेहनत की कमाई ठगने वाले लोगों के साथ जनप्रतिनिधियों की तस्वीरें सामने आना लोकतंत्र और राजनीति दोनों के लिए चिंताजनक है। जिस व्यक्ति को पुलिस साइबर ठगी जैसे गंभीर अपराध का कथित मास्टरमाइंड मानकर गिरफ्तार कर चुकी है, उसका सत्ता पक्ष के जनप्रतिनिधियों के साथ मंच साझा करना कई सवाल खड़े करता है।

कांग्रेस ने विधायक लादू लाल पितलिया से सार्वजनिक रूप से सफाई देने की मांग करते हुए पूछा है कि आरोपी गोपाल बलाई से उनके क्या संबंध हैं और उसे मंच तक पहुंच कैसे मिली। विपक्ष ने कहा कि यदि भाजपा अपराध और भ्रष्टाचार के खिलाफ गंभीर है तो उसे इस मामले में स्पष्ट रुख अपनाना चाहिए। वहीं वायरल तस्वीर को लेकर विधायक लादू लाल पितलिया ने सफाई देते हुए कहा कि सार्वजनिक कार्यक्रमों में अक्सर ग्रामीण और आमजन मंच पर आकर स्वागत कर लेते हैं तथा फोटो भी खिंचवा लेते हैं। उन्होंने कहा कि आरोपी से उनकी कोई व्यक्तिगत पहचान नहीं है।इधर तस्वीर वायरल होने के बाद सोशल मीडिया पर भी इस मामले को लेकर बहस तेज हो गई है। कई लोगों ने साइबर अपराधियों की राजनीतिक पहुंच को लेकर सवाल उठाए हैं। कुछ यूजर्स ने इसे राजनीति और साइबर अपराध के कथित गठजोड़ का उदाहरण बताया है।

गौरतलब है कि भीलवाड़ा जिले की रायपुर थाना पुलिस ने हाल ही में “ऑपरेशन म्यूल हंटर” के तहत कार्रवाई करते हुए रायपुर कस्बे के भीटा निवासी गोपाल लाल बलाई को गिरफ्तार किया था। पुलिस के अनुसार आरोपी एक न्यूज चैनल की आड़ में साइबर ठगी का नेटवर्क संचालित कर रहा था।

पुलिस अधीक्षक धर्मेंद्र सिंह के मुताबिक जांच में आरोपी के बैंक खातों में मात्र चार महीनों के भीतर करीब 10 करोड़ रुपए के संदिग्ध लेनदेन का पता चला। आरोपी पर इलेक्ट्रॉनिक हैकिंग, फिशिंग और स्मशिंग जैसी तकनीकों के जरिए ऑनलाइन ठगी करने के आरोप हैं। पुलिस को आरोपी के खिलाफ देश के विभिन्न राज्यों से 116 साइबर फ्रॉड शिकायतें प्राप्त हुई हैं। बैंक खातों और ई-केवाईसी दस्तावेजों की जांच के बाद आरोपी के खिलाफ मामला दर्ज कर उसे गिरफ्तार किया गया।

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