चंडीगढ़ डंपिंग ग्राउंड परियोजना के लिए 2.52 करोड़ की मंजूर:जहरीले पानी को रोकने के लिए उठाया कदम, 1.32 किलोमीटर लंबी बनेगी ड्रेनेज लाइन

चंडीगढ़ के डड्‌डूमाजरा डंपिंग ग्राउंड से रिसने वाले जहरीले लीचेट (कचरे से निकलने वाला दूषित पानी) को नियंत्रित करने के लिए नगर निगम ने नई ड्रेनेज लाइन बनाने की दिशा में बड़ा कदम उठाया है। निगम के इंजीनियरिंग विभाग ने बुधवार को इस परियोजना के लिए एक एजेंसी का चयन कर लिया। करीब 3 करोड़ रुपए की अनुमानित लागत वाली इस परियोजना के लिए दो कंपनियों ने बोली लगाई थी। इनमें से निगम ने 2.52 करोड़ रुपए की सबसे कम बोली को मंजूरी दी है। अधिकारियों के अनुसार औपचारिक प्रक्रियाएं पूरी होने के बाद जल्द ही एजेंसी को कार्य आवंटित कर दिया जाएगा। 1.32 किलोमीटर लंबी बनेगी ड्रेनेज लाइन परियोजना के तहत दड़ूमाजरा डंपिंग ग्राउंड की परिधि के साथ 1.32 किलोमीटर लंबी दो नई ड्रेनेज लाइनें बनाई जाएंगी। इनका उद्देश्य कचरे के पहाड़ से रिसकर बाहर आने वाले जहरीले पानी को रोकना और उसे एकत्र कर उपचार संयंत्र तक पहुंचाना है। यह ड्रेनेज लाइनें डंपिंग ग्राउंड से सटी दो प्रमुख सड़कों के किनारे बनाई जाएंगी। इनमें धनास मार्बल मार्केट और न्यू चंडीगढ़ की ओर जाने वाला राष्ट्रीय राजमार्ग तथा पटियाला की राव के साथ मालोया जाने वाली सड़क शामिल है। लीचेट ट्रीटमेंट प्लांट तक जाएगा दूषित पानी नगर निगम इससे पहले डंपिंग ग्राउंड के रिहायशी सेक्टर की ओर स्थित हिस्से में पहली ड्रेनेज लाइन का निर्माण कर चुका है। अब शेष दो तरफ ड्रेनेज बनने के बाद डंपिंग ग्राउंड की तीनों सीमाओं से निकलने वाले लीचेट को एकत्र कर सीधे लीचेट ट्रीटमेंट प्लांट (एलटीपी) तक पहुंचाया जाएगा। अधिकारियों के अनुसार डंपिंग ग्राउंड से निकलने वाला जहरीला पानी आसपास की सड़कों को नुकसान पहुंचा सकता है। इन सड़कों से रोजाना हजारों वाहन और भारी ट्रक गुजरते हैं। इसलिए इस पानी को रोकना और सही तरीके से ट्रीटमेंट प्लांट तक पहुंचाना जरूरी है, ताकि सड़कें सुरक्षित और मजबूत बनी रहें।

   

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