चंडीगढ़ ITI में अब AI और EV टेक्नोलॉजी की पढ़ाई:120 करोड़ से बदलेंगे 2 सरकारी ITI, 28 और सेक्टर-11 के ITI शामिल

चंडीगढ़ के युवाओं को रोजगार के नए अवसर और इंडस्ट्री की जरूरत के मुताबिक स्किल्स देने के लिए प्रशासन ने बड़ा कदम उठाया है। केंद्र सरकार के स्किल डेवलपमेंट कार्यक्रम के तहत शहर के दो सरकारी औद्योगिक प्रशिक्षण संस्थानों (ITI) को आधुनिक सेंटर ऑफ एक्सीलेंस के रूप में विकसित किया जाएगा। इस परियोजना पर 120 करोड़ रुपए से अधिक खर्च किए जाएंगे। इसके लिए चंडीगढ़ प्रशासन ने उद्योगों की भागीदारी सुनिश्चित करने के उद्देश्य से एंकर इंडस्ट्री पार्टनर के चयन की प्रक्रिया शुरू कर दी है। इसके लिए रिक्वेस्ट फॉर प्रपोजल (RFP) भी जारी कर दिया गया है। इसमें दो सरकारी ITI गवर्नमेंट आईटीआई, सेक्टर-28 सी और गवर्नमेंट आईटीआई फॉर वूमेन, सेक्टर-11 सी शामिल है। दोनों संस्थानों को आधुनिक इंफ्रास्ट्रक्चर, डिजिटल सुविधाओं और इंडस्ट्री आधारित प्रशिक्षण व्यवस्था से लैस किया जाएगा। अब भविष्य की तकनीकों की मिलेगी ट्रेनिंग प्रशासन का उद्देश्य युवाओं को बदलती तकनीक और उद्योग की मांग के अनुसार तैयार करना है। इसके तहत विद्यार्थियों को निम्न क्षेत्रों में प्रशिक्षण दिया जाएगा: आधुनिक मशीनों और डिजिटल क्लासरूम से लैस होंगे संस्थान परियोजना के तहत आईटीआई में आधुनिक क्लासरूम, लैब और वर्कशॉप तैयार किए जाएंगे। छात्रों को वही मशीनें और उपकरण उपलब्ध कराए जाएंगे, जिनका उपयोग वर्तमान में उद्योगों और फैक्ट्रियों में किया जा रहा है। साथ ही डिजिटल लर्निंग सुविधाओं को मजबूत किया जाएगा और शिक्षकों को भी विशेष प्रशिक्षण दिया जाएगा, ताकि वे नई तकनीकों के अनुसार विद्यार्थियों को प्रशिक्षित कर सकें। पढ़ाई के साथ बढ़ेंगे रोजगार के अवसर इस परियोजना का मुख्य उद्देश्य प्रशिक्षण और उद्योग के बीच मौजूद अंतर को कम करना है। उद्योगों की सीधी भागीदारी से छात्रों को अप्रेंटिसशिप और रोजगार के बेहतर अवसर मिल सकेंगे। प्रशासन का मानना है कि इससे युवाओं की रोजगार क्षमता बढ़ेगी और उन्हें पढ़ाई पूरी होने के बाद नौकरी पाने में आसानी होगी। SPV कंपनी संभालेगी पूरे प्रोजेक्ट की जिम्मेदारी इस आईटीआई क्लस्टर के संचालन के लिए एक स्पेशल पर्पज व्हीकल (SPV) का गठन किया जाएगा, जिसे सेक्शन-8 कंपनी के रूप में पंजीकृत किया जाएगा। इसमें एंकर इंडस्ट्री पार्टनर की 51 प्रतिशत हिस्सेदारी होगी, जबकि केंद्र सरकार और चंडीगढ़ प्रशासन की 24.5-24.5 प्रतिशत हिस्सेदारी रहेगी। चुनी गई कंपनी को अगले पांच वर्षों के लिए रणनीतिक निवेश योजना तैयार करनी होगी और परियोजना के संचालन में सक्रिय भूमिका निभानी होगी।

   

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