चंडीगढ़ मेयर चुनाव कांग्रेस और AAP एक साथ लडे़ंगे:प्रधान एचएस लक्की ने प्रेस कांफ्रेंस में किया खुलासा, कांग्रेस पार्षदों की मीटिंग शाम को

चंडीगढ़ नगर निगम मेयर चुनाव इस बार भी कांग्रेस और आम आदमी पार्टी मिलकर लड़ेंगी। इसके लिए दोनों दलों के नेताओं की बैठक होगी। ऐसे में मेयर पद पर आम आदमी पार्टी और सीनियर डिप्टी मेयर व डिप्टी मेयर के पदों पर कांग्रेस चुनाव लड़ेगी। यह खुलासा चंडीगढ़ कांग्रेस के अध्यक्ष एचएस लक्की ने किया है। उन्होंने अपने कार्यालय में प्रेस कॉन्फ्रेंस बुलाई थी। दोनों पदों के लिए उम्मीदवार तय करने के लिए आज उनके घर पर कांग्रेस पार्षदों की बैठक बुलाई गई है। उम्मीद है कि रात तक कैंडिडेट तय हो जाएगा। हालांकि नामांकन से ठीक पहले 22 जनवरी को इस बारे में आधिकारिक घोषणा की जाएगी। हालांकि इससे पहले आम आदमी पार्टी के प्रभारी जरनैल सिंह द्वारा की गई पोस्ट की वजह से दोनों दलों के बीच दूरियां बढ़ गई थीं। मेयर पद के लिए एक वोट से होना है चुनाव, यह पार्षदों की मौजूदा स्थिति 35 पार्षदों वाली चंडीगढ़ नगर निगम में 19 वोट पाने वाली पार्टी का मेयर, सीनियर डिप्टी मेयर और डिप्टी मेयर पद मिलेगा। इस समय भाजपा के पास 18 पार्षद हैं, आम आदमी पार्टी के पास 11 पार्षद हैं और कांग्रेस के पास 6 पार्षद हैं। इस हिसाब से भाजपा के पास 18, कांग्रेस और आप के मिलाकर 17 पार्षद हैं। इस समय सांसद मुनीष तिवारी कांग्रेस से हैं और उनका वोट भी इस दौरान डलना है। इसी के आधार पर ही भाजपा और विरोधी आप+कांग्रेस पार्टियों के पास 18-18 वोट हैं। कांग्रेस और आप समझौते के तहत मेयर, सीनियर डिप्टी मेयर और डिप्टी मेयर बनाने की प्लानिंग में है। दो पार्षदों ने बिगाड़ा खेल 2021 में हुए नगर निगम चुनाव के दौरान आम आदमी पार्टी के 14 पार्षद जीते थे और सबसे बड़ी पार्टी बनकर उभरी थी। भाजपा के 12 पार्षद और कांग्रेस 8 पार्षद जीते थे। नगर निगम हाउस के आखिरी वर्ष में भाजपा सबसे बड़ी पार्टी बन गई है और उनके पास अब 18 पार्षद हो गए हैं। 24 दिसंबर को आम आदमी पार्टी कीं दो पार्षद सुमन व पूनम ने आम छोड़ दी थी और वह भाजपा में शामिल हो गई थीं और इसके बाद से ही गणित बिगड़ा है। चंडीगढ़ में भाजपा कैसे मेयर बना सकती है, 2 सिनेरियो

   

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